लगातार प्रोटेस्ट के बाद क्या दबाव में है भाजपा? अब लिया ये फ़ैस’ला..

December 21, 2019 by No Comments

नई दिल्ली: पूरे देश में छात्र और युवा नागरिकता संशोधन विधेयक के ख़िला’फ़ आन्दोलन में खड़े हैं. भाजपा और केंद्र सरकार के ख़ि’लाफ़ लोगों का ग़ुस्सा अब सड़क पर नज़र आ रहा है लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई भी ऐसी घोषणा नहीं की गई है जिससे लगे कि सरकार डायलोग चाहती है. सरकार ने ये तो कहा है कि प्रदर्शनकारी चाहें तो सलाह दे सकते हैं लेकिन कोई मंत्री फ़िलहाल प्रदर्शनकारियों की बात सुनने के लिए उनसे मिलने की बात नहीं कर रहा.

जानकार मानते हैं कि जब देश भर में लोग सड़क पर हैं तो सरकार को आगे बढ़कर लोगों से बात करने की कोशिश करनी चाहिए परन्तु सरकार किसी तरह से अपनी छवि को बचाने में लगी है. भाजपा ने आज एक मीटिंग भी की और उसमें ये तय किया कि वो जनसंपर्क अभियान शुरू करेगी और लोगों को नागरिकता संशोधन विधेयक के बारे में बताएगी. हालाँकि भाजपा नेता लगातार ऐसे ट्वीट भी शेयर कर रहे हैं जिससे लोगों में नाराज़गी बढ़ रही है.

भाजपा के कर्णाटक ट्विटर हैंडल ने एक ट्वीट किया था जिसमें मशहूर इतिहासकार राम चंद गुहा को अर्बन-नक्सल बता दिया. वहीँ भाजपा ने एक रैली का आयोजन करवाया जोकि नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में थी, इस रैली में आपत्तिज’नक नारे लगे. इस वजह से ऐसा लगता नहीं है कि भाजपा ज़रा भी झुकने को तैयार है. ऐसा नहीं है कि भाजपा दबाव महसूस नहीं कर रही, भाजपा के कई बड़े नेता बचते हुए निकल रहे हैं. दूसरी ओर CAA के ख़ि’लाफ़ प्रोटेस्ट करने वालों की करें तो स्थिति ये है कि वो CAA और NRC तो किसी हाल में बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं.

असल में CAA को लेकर तो लोगों का ग़ुस्सा है लेकिन NRC को लेकर अधिक ग़ुस्सा है. अमित शाह का एक पुराना बयान इस समय वायरल हो गया है जिसमें वो बड़े आत्मविश्वास से कह रहे हैं कि आधार कार्ड, वोटर कार्ड नागरिकता का सबूत नहीं है. एक अन्य वीडियो में वो कह रहे हैं कि पहले CAB आएगा और उसके बाद NRC आएगा और NRC पूरे देश में आयेगा. जानकार मानते हैं कि उनके ये बयान उस समय उन्हें भले ही पसंद आये हों लेकिन अब उनके लिए ये पछतावे वाली बात बन गए हैं.

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