मुंबई. महाराष्ट्र में आज सुबह एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है. बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार सुबह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर एक बार फिर से शपथ ले ली है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें शपथ दिलाई. अजीत पवार ने भी डिप्टी CM पद की शपथ ली. पूरी एनसीपी का समर्थन बीजेपी को है या नहीं, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है. सूत्रों के मुताबिक़ अजीत पवार के पास 25 से 30 विधायकों को लेकर सरकार बना ली है.

इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमें सरकार बनाने का जनादेश मिला था लेकिन शिवसेना ने दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन का प्रयास किया. जिसका परिणाम यह निकला कि सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. महाराष्ट्र की जनता को स्थिर सरकार चाहिए न कि कोई खिचड़ी. शिवसेना से जनादेश का सीधे तौर पर अपमान किया है.

फडनवीस ने अजित पवार का अभार जताया, कहा- मैं अभारी हूं कि वे मेरे साथ आए. अब हम महाराष्ट्र में एक स्थिर सरकार देंगे. शपथ लेने के बाद अजीत पवार ने कहा ‌कि हम लोगों की समस्या के लिए साथ आए हैं. हम किसानों की समस्या को खत्म करना चाहते हैं. उनकी भलाई के लिए ही सरकार में आए हैं. उन्होंने कहा कि लोगों ने जिसे सरकार बनाने के लिए चुना था उन्हीं को सरकार बनानी भी चाहिए.

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि रातों रात कोई बातचीत नहीं हुई है. वरिष्ठ नेताओं की बात पहले से चल रही थी. भाजपा के विधायक रामचरण ने बय्ताया कि हम सभी जनता और खासकर किसानों की भलाई के लिए सामने आए हैं. बीजेपी और एनसीपी ने साथ में सरकार बनाई है. हम लोग इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि महाराष्ट्र में एक स्थिर सरकार अब लोगों को मिल गई है. मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवेंद्र फडणवीस और सूबे के डिप्टी सीएम बने अजित पवार को बधाई दी. उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि दोनों ही मिल कर महाराष्ट्र के विकास और भविष्य के लिए काम करेंगे.

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