महाराष्ट्र: लोकल चुनाव के नतीजों ने उड़ाए भाजपा नेताओं के होश, अकेले लड़कर बुरी तरह हुई हार..

January 18, 2021 by No Comments

मुम्बई: महाराष्ट्र में भाजपा अकेले कितनी कमज़ोर है ये हर लोकल चुनाव से पता चलता जा रहा है. शिवसेना और भाजपा जब गठबंधन में थे तब और अब की स्थिति में बहुत फ़र्क़ आ गया है. शिवसेना इस समय एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन में है जिसकी वजह से भाजपा अकेली पड़ गई है. भाजपा के नेता ख़ुद भी मान रहे हैं कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़कर कमज़ोर प्रदर्शन कर रही है.

हाल ही में हुए ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं और अब तक जो स्थिति बन रही है वो भाजपा के लिए चिंताजनक है. यूँ तो भाजपा सबसे बड़ी पार्टी नज़र आ रही है लेकिन आँकड़े झूठ भी बोलते हैं. बीजेपी को अब तक 456 सीटें हासिल हुई हैं तो शिवसेना के खाते में 435 सीटें आई हैं. एनसीपी को इस चुनाव में 323 जबकि कांग्रेस को 331 सीटें मिलती दिख रही हैं. अगर शिवसेना,कांग्रेस और एनसीपी की सीटों को मिला दें तो ये 1000 को भी पार कर जाती है. अन्य के खाते में अभी तक 620 सीट जाती दिखाई दे रही है.

महाराष्ट्र ग्राम पंचायत चुनाव के अब तक के नतीजों ने शिवसेना को गदगद कर दिया है. इस चुनाव परिणाम ने साबित कर दिया है कि शिवसेना को अब केवल अर्बन पार्टी नहीं समझा जा सकता है. पहले शिवसेना की पहुंच केवल मुंबई और कोकण क्षेत्र तक ही मानी जा​ती थी लेकिन ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजों ने बता दिया है कि शिवसेना की पैठ अब गांव तक भी है. महाराष्ट्र ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजों ने चंद्रकांत पाटिल और बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. चंद्रकांत पाटिल के क्षेत्र से शिवसेना ने 9 में से 6 सीटों पर जीत दर्ज की है.

बीजेपी की हार पर चंद्रकांत पाटिल ने शिवसेना को चेतावनी देते हए कहा कि अलग-अलग होकर लड़ो फिर अपनी ताकत दिखाओ. तीनों एक हो गए BJP अकेली पड़ गई.पराली में एनसीपी ने 7 में से 6 सीटों पर दर्ज की जीत, एक पर बीजेपी का कब्जा. इस ग्राम पंचायत पर इस लिए हर किसी की नजर थी क्योंकि यहां पर एक ही परिवार के पकंजा मुंडे और धनंजय मुंडे के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी. एनसीपी की जीत ने धनंजय मुंडे की साख को बढ़ा दिया है.

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