महाराष्ट्र में भाजपा के लिए ख’ड़ी हुई बड़ी मु’सीबत, 114 बा’ग़ियों को…

मुंबई: चुनावी लोकतंत्र में राजनीति की सबसे पहली परीक्षा चुनाव ही होते हैं. चुनाव जैसे ही आते हैं सब पता चल जाता है कि कौन नेता पार्टी के लिए काम कर रहा है और कौन पार्टी में सिर्फ़ टिकट की ख़ातिर बना हुआ है. पार्टी कोई भी हो, इस समस्या से सभी जूझ रहे हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है लेकिन पार्टी के अंदर के लोग ही बग़ावत से बाज़ नहीं आ रहे हैं.

हरियाणा में कांग्रेस तो महाराष्ट्र में भाजपा के लिए बा’ग़ियों को मनाना चुनौती जैसा हो गया है. भाजपा अब किसी भी तरह उन बा’ग़ियों को मनाने में जुटी है जिन्होंने अपने मन से नामांकन दाख़िल कर दिया है. भाजपा के ऐसे 114 नेता हैं जिन्होंने नामांकन दाख़िल किया है और वो भी बिना पार्टी की मर्ज़ी के. ये नेता 27 विधानसभा सीटों पर ताल ठोंक रहे हैं.

ख़बरों के मुताबिक़ मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और राज्य के मंत्री चंद्रकांत पाटिल के नेतृत्व में बा’गियों को मनाने में जुटी है।इसी तरह की कोशिश सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल शिवसेना और विपक्षी कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकंपा) कर रही है. पंढरपुर सीट से कांग्रेस के स्थानीय नेता शिवाजीराव कलुंगे ने निर्दलीय नामांकन पत्र दाखिल किया है जबकि मौजूदा कांग्रेस विधायक भारत भालके राकांपा में शामिल हो गए हैं और इस चुनाव में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी हैं.

जनसत्ता में छपी ख़बर के मत मुताबिक़ एक नेता ने बताया कि 2014 में पंढरपुर से कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी लेकिन सीट बंटवारे के तहत 2019 में यह सीट राकांपा को दे दी गई. शिरोल सीट पर कांग्रेस-राकांपा आधिकारिक रूप से अनिल मडनायक का समर्थन कर रहे हैं लेकिन यहां राकांपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र पाटिल यादरवकर ने बगावत कर निर्दलीय पर्चा भरा है और उन्हें मनाने की कोशिश जारी है।उल्लेखनीय है कि शनिवार की जांच के बाद 4,739 प्रत्याशियों का नामांकन वैध पाया गया। प्रत्याशी सोमवार तीन बजे तक नामांकन वापस ले सकते हैं।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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