मध्य प्रदेश उप-चुनाव का मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट, शिवराज सिंह चौहान ने भी दिया था बयान..

October 23, 2020 by No Comments

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश उपचुनाव को लेकर हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है. चुनाव आयोग ने हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की है. अपनी याचिका में चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव कराना उसका डोमेन है और हाई कोर्ट का ये फ़ैसला मतदान की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. चुनाव आयोग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश से उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होगी.

आयोग ने अपनी याचिकाओं में कहा है कि कोरोना वायरस के दौरान चुनाव कराने के दिशानिर्देश पहले ही तय कर लिए गए हैं. आयोग ने माँग की है कि सुप्रीम कोर्ट से माँग है कि वो हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाये. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य में होने वाले आगामी उपचुनाव में बड़ी रैलियों पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने कहा कि रैलियों की अनुमति तभी दी जा सकती है, जब वर्चुअल मीटिंग संभव न हो.

आपको बता दें कि हाई कोर्ट के फ़ैसले के बाद गुरुवार को अपनी दौ रैलियों को निरस्त कर दिया था. शिवराज ने कहा था कि वो हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. उन्होंने बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए हो रही रैलियों पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था,”हम माननीय न्यायालय का सम्मान करते हैं, उनके फ़ैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इस फैसले के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय जा रहे हैं, क्योंकि एक देश में दो विधान जैसी स्थिति हो गई है.”

उन्होंने कहा,”देश के एक हिस्से में रैली व सभा हो सकती है, दूसरे हिस्से में नहीं हो सकती. बिहार में सभाएं हों रही हैं, रैलियां हो रही हैं लेकिन मध्य प्रदेश के एक हिस्से में सभाएं नहीं हो सकती. इस फैसले के संबंध में हम न्याय की प्राप्ति के लिए सर्वोच्च न्यायालय जा रहे हैं, हमें विश्वास है कि न्याय मिलेगा.” उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों के लिए 3 नवंबर को उपचुनाव होने हैं. इसके लिए चुनावी रैलियां और जनसभाएं भी हो रही थीं. हालांकि राज्य में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने चुनावी रैलियां करने पर रोक लगा दी थी.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *