महि’ला कर्मचारियों के लिए CM उद्धव ठाकरे ने सुनाया ब’ड़ा फै’सला, अब ऑफिस में..

January 3, 2021 by No Comments

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार और भारतीय जनता पार्टी के बीच बीते साल से ही तनातनी चल रही है। भाजपा शासित राज्यों में ल’व जि’हाद के खिलाफ बनाए गए कानून पर भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। अब खबर सामने आ रही है कि सरकार ने राज्य में सरकारी कार्यालयों में का’र्यरत कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित कर दिया है। जिसके तहत सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने मन मुताबिक कपड़े पहनकर में नहीं आ पाएंगे। बताया जा रहा है कि सं’विदा कर्मचारियों को भी इस ड्रेस को’ड के हिसाब से ही व’र्दी पहनी होगी।

सरकारी कर्मचारियों को ग’हरे रंग अ’जीब क’ढ़ाई और फोटो बने क’पड़े प’हनने की इजाजत नहीं दी गई। इसके साथ ही सभी सरकारी कर्मचारियों को यह सलाह दी गई है कि कम से कम एक बार सब खादी के कप’ड़े पहनकर आएं ताकि सूत कताई उद्योग को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है,”यह देखा गया है कि कई अधिकारी और कर्मचारी (मुख्य तौर पर संविदाकर्मी और सरकारी काम में लगे सलाहकार) सरकारी कर्मचारियों के हिसाब से उपयुक्त ड्रेस नहीं पहनते हैं और इससे आम जनमानस में इनकी छवि खराब होती है। इसलिए, राज्य में अब से सरकारी कर्मचारी जींस और टी-शर्ट और चप्पल पहनकर दफ्तर न आएं.”

आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में सरकारी कर्मचारियों की ड्रेस उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा है। महाराष्ट्र में अब पुरुष कर्मचारी शर्ट-पैंट या ट्राउजर जैसी पोशाक और म’हिला कर्मचारी साड़ी, सलवार, ट्राउजर पैंट-शर्ट, चूड़ीदार कुर्ता और जरूरत पड़ने पर दुपट्टा पहनकर कार्यालय आ सकती हैं. इसके अलावा महि’ला कर्मचारी चप्पल, सैंडल या जूते और पुरुष कर्मचारी जूते या सैं’डल पहन सकते है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की राज्य में काफी सरहाना की जा रही है। (साभार- हिंदी रोल्स)

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *