लखनऊ विश्विद्यालय में सफ़ाई के लिए नहीं है पैसा?, छात्रों ने माँगी ‘भीख’

विगत 11 सितम्बर को तमाम छात्र-छात्राओं द्वारा विश्वविद्यालय की मूलभूत समस्याओं के निराकरण हेतु कुलपति को चेतावनी ज्ञापन दिया गया था। जिसमें समस्याओं का 5 दिन में निराकरण न होने पर हम छात्रों ने भीख मांगकर स्वयं समस्याओं के निराकरण की बात कही थी। हम छात्र-छात्राओं ने अपने कथनानुसार मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति ना होने की स्थिति में आज परिसर में हम छात्रों द्वारा भीख मांगकर समस्याओं का निराकरण कराने का संकल्प लिया गया।

परिसर में साफ-सफाई का न होना जहां एक तरफ छात्रों के लिए बड़ी चुनौती है वहीं कुलपति की छात्र एवं विश्वविद्यालय विरोधी नीतियों से परिसर की दयनीय हालात देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “स्वच्छ भारत अभियान” को धता बता रही है। -छात्र-छात्राओं की प्रमुख मांगे- 1- आरओ मशीन और नल ठीक करवाकर साफ पीने के पानी की व्यवस्था और पानी की टंकियो की साप्ताहिक रूप से सफाई सुनिश्चित कराई जाय।

2- सभी शौचालयों में पानी की निर्बाध आपूर्ति,प्रत्येक शौचालय में पृथक-पृथक दरवाजा,नल से पानी लेने हेतु डिब्बे,प्रत्येक शौचालय में बड़े आकार का एक-एक ढका हुआ कूड़ादान(जिसकी नियमित सफाई हो ),प्रत्येक शौचालय में छात्राओं/छात्रों के हाथ धोने हेतु वाश-बेसिन और साबुन, प्रत्येक शौचालय ब्लॉकों की नियमित सफाई(बिना गंध वाली फिनाइल से) तथा आवश्यक निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाय। 3- तत्काल प्रतीकात्मक मूर्तियों की सफाई साप्ताहिक रूप से कराया जाना सुनिश्चित किया जाय ।

उपरोक्त समस्याओं के निराकरण न होने पर छात्रों द्वारा परिसर में भीख मांगकर कुलपति की छात्र विरोधी नीतियों का विरोध किया गया। इस मौके पर लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रनेता महेंद्र यादव,प्रियंका यादव,अवनीश यादव, गौरव पांडेय,आदर्श सिंह “आजाद”, विनय यादव,आकाश कैराती,नवीन यादव,सौरभ प्रताप सिंह,शिवम,अरुण कुमार,हिमांशु,अमन,अभिषेक एवं अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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