लोकल चुनाव में भाजपा और कांग्रेस का नहीं खुला खाता, सभी सीटों पर एक ही पार्टी की जीत..

March 15, 2021 by No Comments

अमरावती: सोशल मीडिया के इस दौर में छोटे से छोटे चुनाव का देश की राजनीति पर प्रभाव पड़ता है. कुछ महीनों पहले जब हैदराबाद में म्युनिसिपल कारपोरेशन के चुनाव हुए तो भाजपा ने केन्द्रीय मंत्री से लेकर अपने बड़े-बड़े नेताओं को मैदान में उतारा. ये बात और है कि उसे जीत नहीं मिली बल्कि कुछ सीटें पिछली बार की तुलना में बढ़ गईं. तेलंगाना के ही पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में भाजपा का और भी बुरा हाल हुआ है.

छोटे से छोटे चुनाव को साख पर लेकर लड़ने वाली भाजपा यहाँ के म्युनिसिपल चुनाव में खाता तक नहीं खोल सकी है. साक्षी पर छपी ख़बर के मुताबिक़ आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) म्युनिसिपल चुनाव (Municipal Elections) में वाईएसआरसीपी ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत चुनावों के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। भाजपा और कांग्रेस के साथ साथ तेदेपा का भी खाता नहीं खुला है. ये इस तरह की हार है कि राज्य में सभी विपक्षी पार्टियों के अस्तित्व पर सवाल खड़ा हो गया है.

तेलेगु देशम पार्टी अमरावती सेंटीमेंट रहने वाले विजयवाड़ा और गुंटूर नगर निगम सहित विशाखापट्टणम स्टील प्लांट के निजीकरण के मद्देनजर टीडीपी ने विशाखापट्टणम के मेयर की कुर्सी पर अपनी नजरें गड़ाई रखी थी, लेकिन ताड़ीपत्री और मैदुकूरु जैसी छोटी म्यूनिसिपालिटियों को छोड़कर अधिकांश जगहों पर उसका पदर्शन खास नहीं रहा।

पहले पंचायत चुनाव और अब म्युनिसिपल चुनाव के नतीजे आने के बाद टीडीपी सुप्रीमो नारा चंद्रबाबू नायडू को निशाना बनाते हुए वाईएसआरसीपी के नेता सज्जला रामकृष्णा रेड्डी ने कहा कि अमरावती के नाम पर टीडीपी प्रमुख ने कृष्णा और गुंटूर जिलों के लोगों को गुमराह किया। उन्होंने ये भी कहा कि राज्य के लोग चंद्रबाबू की सोच और सिद्धांतों पर विश्वास करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने चंद्रबाबू को चुनावी हथकंडों और रणनीति को ही राजनीति मानने वाले व्यक्ति बताया। आपको बता दें कि 11 कारपोरेशन में से सभी YSRCP ने जीते हैं जबकि 75 में से 73 म्युनिसिपल के नतीजे आए हैं और सभी YSRCP ने जीती हैं.

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