अरब देश लेबनान ने सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध के बाद आर्थिक सुधारों की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों की अधिकतर माँगों को मान लिया गया है। पिछले पाँच दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के अब शांत हो जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री साद हरीरी ने पीर के रोज़ कहा कि ये उपाय सिर्फ़ इसलिए नहीं किए गए हैं कि प्रदर्शन शांत हों।

उन्होंने कहा कि आपको विरोध करने से हम नहीं रोक रहे, ये आपका निर्णय है…आपकी मुहिम के बाद ये फ़ैसले लिए गए हैं जो अब आपके सामने हैं। प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि वह जल्द चुनाव कराने की माँग का भी सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा,”हमने आपको सुना है..अगर आपने जल्द संसदीय चुनाव कराने की माँग की है तो आपकी आवाज़ से ही इसका फ़ैसला होगा…मैं साद हरीरी इस माँग में आपके साथ हूँ।

उल्लेखनीय है कि लेबनान में देश की आर्थिक स्थिति को लेकर के लोग सड़कों पर उतर आए थे। ऐसा तब हुआ जब सरकार ने व्हाट्सएप के इस्तेमाल पर भी टैक्स लगा दिया। आनन-फानन में सरकार ने व्हाट्सएप टैक्स वापिस ले लिया लेकिन प्रदर्शनकारियों ने माँग की कि आर्थिक सुधार किए जाएँ। कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वो रोज़गार के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं ना कि व्हाट्सएप टैक्स को लेकर। सरकार ने लेकिन विरोध प्रदर्शन करने वालों की माँग को सुना और उनकी माँग को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसमें एक बात समझने की है कि लेबनान में प्रोटेस्ट सरकार की कुछ नीतियों के ख़िलाफ़ था न कि पूरी सरकार के ख़िलाफ़।

रिफार्म को किया ख़ारिज
ख़बर है कि प्रदर्शनकारियों ने साद हरीरी द्वारा आर्थिक सुधारों की घोषणा को ख़ारिज कर दिया है. प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि कैबिनेट इस्तीफ़ा दे. उनका कहना है कि जब तक पूरी कैबिनेट इस्तीफ़ा नहीं देती तब तक हम अपना प्रदर्शन ख़त्म नहीं करेंगे.

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