लालू के रिहा होते ही बदले मांझी के तेवर, नीतीश कुमार के बाद अब..

पटना: राष्ट्रीय जनता दल के प्र’मुख लालू प्रसाद यादव को रांची हाई को’र्ट ने चारा घो’टाला मामले में ज़मा’नत दे दी है। लालू प्रसाद को ज़मानत मिलने के बाद राजद समर्थकों में खुशी की लहर है लेकिन इसी बीच बिहार की सिया’सत में हल’चल बढ़ गई है। एनडीए में लालू प्रसाद की ज़मानत को लेकर बे’चैनी छाई है।

सोमवार को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री साथ ही वर्तमान में बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि लालू प्रसाद को ज़मानत मिलने या न मिलने से बिहार की राजनीति में कोई प्र’भाव नही पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि लालू प्रसाद को ज़मानत मिलने से बिहार में न्याय के साथ विकास की प्रशासनिक संस्कृति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सुशील कुमार मोदी के ऐसा कहते ही राजनीतिक विश्लेषकों ने यह अनुमान लगा लिया की, एनडीए दल में घब’राहट होने लगी है। इसी बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को ज़मानत मिलने पर उनका स्वागत किया है। मांझी का लालू प्रसाद की ज़मानत का स्वागत करने से भी एनडीए के अंदर बेचैनी बढ़ने लगी है।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि मांझी लालू प्रसाद यादव की सेहत को लेकर फिक्र’मंद रहते थे। उनकी ज़मानत होने से हम सभी ख़ुश हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का ये अंदाज़ा है कि, एनडीए मंत्रिपरिषद के विस्तार में विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी भी हिस्सा चाहते हैं।

अब मांझी और सहनी या तो मंत्रिपरिषद में और हिस्सा चाहते थे या फिर एक-एक एमएलसी सीट की इच्छा इन दोनों को ही थी। लेकिन इन दोनों ही नेताओं की इच्छा पूरी नही हो पाई। ये दोनों ही नेता लालू प्रसाद के दल में भी रह चुके हैं इसलिए अब इनकी आगे की राजनीतिक रणनीतियों के बारे में कुछ नही कहा जा सकता।

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