कोरोना से बचा’व के लिए कुवैत ने लिया बड़ा फ़ै’सला,’पाँच वक़्त की न’माज़…’

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शुक्रवा’र को कोरोना वाय’रस से बचने के लिए कुवैत के अवाकफ और इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने घोष’णा की कि मस्जिदों में दिन में पाँच बार होने वाली नमाज़ को रद्द कर दिया गया है. मंत्रालय ने कहा कि अज़ान होने के बाद सभी अपने अपने घरों में नमाज़ की अदाएगी करें। बता दें कि कुवैत में अधिकारियों ने मस्जिदों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और मुस्लिमों को प्रार्थना करने के लिए संशोधित किया है। “अल-सलातु फाई ब्युटिकुम” शब्द को कॉल में शामिल किया गया है। साथ ही उन्होंने मुस्लिम पुस्तक सही अल-बुखारी कहा हवाला भी दिया।

उन्होंने कहा कि हदीस में कहा गया है कि भारी बारिश और तेज़ हवाओं के दौरान पैगंबर के समय भी इस तरह का संशोधन किया गया था। “हय्या अल-अल-सलाह” जिसका मतलब है प्रार्थना करने के लिए आओ कि बजाए मुददीन कहते हैं कि “अल-सलातु फि ब्युटिकुम” यानी अपने घरों में प्रार्थना करें। धार्मिक मंत्रालय ने कहा कि बदलाव अगली सूचना तक प्रभावी हैं। बुधवा’र को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना जैसे जान’लेवा वाय’रस से मर’ने वालों की तादाद बढ़ने के कार’ण इसको महामा’री का नाम दिया था।

Prayer in Kuwait

बता दें कि दुनियाभर के 136 देशों में 142,918 से ज़्यादा मामले आ चुके हैं । कुवैत में अधिकारियों ने 29 मार्च को फिर से शुरू होने के साथ 12 से 26 मार्च तक सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की। लेकिन महत्वपू’र्ण सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थाएं खुली रहीं। अधिकारियों ने “रेस्तरां, कैफे और वाणिज्यिक केंद्रों” में बैठकों पर भी रोक लगा दी है। इससे पहले शुक्रवा’र को ही कुवैत में अंतररा’ष्ट्रीय हवाई अड्डे की सभी वाणिज्यिक उड़ानों पर रोक लगा दी थी। एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि “केवल कुवैती नागरिकों और उनके पहले-डिग्री रिश्तेदारों को ले जाने वाली उड़ानों की अनुमति दी जाएगी।”

शुक्रवा’र तक कुवैत में कोरोनो वाय’रस के 100 मामलों की सूचना दी थी, उनमें से पांच की पु’ष्टि हुए हैं। लेकिन अभी तक कोई मौत नहीं हुई है। वहीं गुरुवा’र को नए मामलों की संख्या 11,000 को पार कर चुकी है। लीबिया, मॉरिटानिया, सीरिया और यमन को छोड़कर MENA क्षेत्र में लगभग हर देश ने नए कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं। बता दें कि पिछले महीने सऊदी अरब ने भी मक्का और मदीना के लिए देश में प्रवेश करने वाले विदेशियों पर अस्थायी प्रतिबं’ध लगा दी थी।

लेकिन अबतक इस बात की कोई पुष्टि नहीं की गई है कि क्या कोरोना वाय’रस का प्र’कोप जुलाई में होने वाले वार्षिक हज यात्रा पर असर करेगा। वहीं मक्का की ग्रैंड मस्जिद को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था जिसके बाद इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल में कोई भी प्रार्थना नहीं की जा सकती थी। लेकिन अब मस्जिद दोबारा खोल दी गई है, लेकिन इबादत करने वालों को काबा को छूने से मना किया जाता है।

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