रियाद: सऊदी अरब, UAE और बहरीन ने एक अहम् फ़ैसला करते हुए क़तर में अगले माह आयोजित होने वाले गल्फ कप फ़ुटबाल टूर्नामेंट के लिए रज़ामंदी दे दी. इसके साथ ही ऐसा माना जा रहा है कि क़तर से चल रहे इन देशों के विवाद के जल्दी ही ख़ात्मे की उम्मीद है. तीनों खाड़ी देशों ने क़तर के साथ अपने रिश्ते तोड़ लिए थे. मिस्र ने भी क़तर से अपने सम्बन्ध ख़त्म करने का फ़ैसला किया था.

इसके बाद कुवैत और ओमान जैसे देशों ने कोशिश की कि संबंधों में बेहतरी हो और फिर से अरब देश एकजुट हो जाएँ. 2017 के मध्य से ही इन देशों के बीच सम्बन्ध ख़राब चल रहे थे और तभी से कोशिशें चल रही थी कि सम्बन्ध बेहतर हों. अब तीनों खाड़ी देशों ने घोषणा की है कि वो इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए तैयार हैं. ये टूर्नामेंट 26 नवम्बर से शुरू होगा और दिसम्बर की आठ तारीख़ तक चलेगा.

इस टूर्नामेंट में क़तर, ईराक़, कुवैत, ओमान और यमन की टीमें भाग लेंगी. इस घोषणा के बाद से ही माना जा रहा है कि अब संबंधों में बेहतरी आएगी. जानकार मानते हैं कि क़तर की मेज़बानी में होने वाले इस टूर्नामेंट का बायकाट न करना अपने आप में एक सिग्नल है कि सऊदी अरब भी अब दोस्ती के लिए तैयार है. आपको बता दें कि बहरीन, UAE और सऊदी अरब ने 2 साल पहले क़तर में होने वाले इस टूर्नामेंट का बायकाट कर दिया था, इसके बाद इस टूर्नामेंट को कुवैत में कराया गया.

इसके पहले भी कई बार ऐसा मौक़ा दुनिया में आया है जब खेल ने संबंधों को बेहतर करने का काम किया है. चीन और अमरीका के बीच संबंधों के बेहतर होने को ‘पिंग पोंग डिप्लोमेसी’ की वजह से माना गया है. तब अमरीका और चीन के रिश्ते टेबल टेनिस की वजह से बेहतर हुए थे.

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