ढाका: सऊदी अरब की ऊर्जा कम्पनी ACWA पॉवर ने बांग्लादेश के साथ एक बड़ा अग्रीमेंट किया है. बांग्लादेश में कम्पनी ३६०० मेगावाट का प्लांट लगाएगी. इस बारे में मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर हो गए हैं.अग्रीमेंट के मुताबिक़ ACWA बंगलदेश के ऊर्जा सेक्टर के विस्तार के लिए 3 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा. इसमें से 2.5 बिलियन डॉलर पॉवर प्लांट को लगाने के लिए ख़र्च होगा जबकि बाकी पैसा सप्लाई के लिए रहेगा.

इस डील के अंतर्गत ACWA 2 मेगावाट का पॉवर प्लांट भी लगाएगा. पिछले कुछ महीनों में इस पर विशेष मीटिंग्स का दौर चला जिसमें दोनों देशों के ज़िम्मेदार लोग इन्वोल्व रहे. सऊदी-बांग्लादेश इन्वेस्टमेंट कोऑपरेशन मीटिंग इस साल मार्च में हुई. इस मीटिंग में बांग्लादेश ने 35 बिलियन डॉलर के निवेश को लेकर बात की. सऊदी अरब ने इस बारे में गहन विचार किया है और उसके बाद ही पहली निवेश डील अब साइन हुई है.

BPDB के चेयरमैन ख़ालिद महमूद ने कहा कि अभी हमने LNG बेस्ड पॉवर प्लांट के निर्माण को लेकर एक डील पर हस्ताक्षर किए हैं. अब ACWA लोकेशन और दूसरी चीज़ों की स्टडी करेगा. उन्होंने बताया कि ये फ़्रेमवर्क 6 महीनों में पूरा हो जाएगा. उन्होंने बताया कि बहुत शी लोकेशन्स हैं जिन पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मोहेश्खाली, चोत्तोग्राम, और द मोंगला पोर्ट एरिया भी विचार के दायरे में हैं.

महमूद ने कहा कि सही लोकेशन का चुनाव बहुत ज़रूरी है जिसके लिए हम सभी तरह की तकनीकी बातों को समझ रहे हैं. उन्होंने कहा कि या तो ये जॉइंट वेंचर होगा या फिर इंडिपेंडेंट पॉवर प्रोडूसर तरह का निवेश होगा. उन्होंने बताया कि अभी इसके बारे में भी फ़ैसला होना है. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि प्लांट का सेट-अप ३६ से ४२ महीनों में हो जाएगा.

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश ने शानदार तरक्की की है. आर्थिक स्तर पर बांग्लादेश ने ग्रोथ रेट के मामले में कई बड़े देशों को पछाड़ दिया है. जहाँ एक ओर पूरे विश्व में मंदी की आहट की बात सुनाई दे रही है वहीँ दूसरी ओर बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देश आगे बढ़ रहे हैं. कई देशों में धा’र्मिक कट्ट;रता ने भी बाज़ार का नुक़सान किया है जबकि बांग्लादेश, वियतनाम जैसे देशों ने पिछले वर्षों ने इस कट्टर’ता पर क़ाबू पाया है.

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