सऊदी अरब और ईरान को चीन ने दी ये न’सीहत, इस देश के PM से..

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बीजिंग: पिछले कुछ समय से पश्चिमी एशिया में कुछ ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जहाँ लोग ये चर्चा करने लगे हैं कि कोई बड़ा युद्ध भी हो सकता है. ईरान और सऊदी अरब के बीच लगातार रिश्ते ख़राब हो रहे हैं. अमरीका इस पूरे घटनाक्रम में सऊदी अरब के साथ दिख रहा है. असल में स्थिति 14 सितम्बर को सऊदी अरामको पर हुए ड्रोन हमले के बाद ख़ासी बिगड़ गई है. सऊदी अरब और अमरीका दावा कर रहे हैं कि ये हमला ईरान ने किया है जबकि ईरान इससे इनकार कर रहा है.

इस हमले की ज़िम्मेदारी हौथी विद्रोहियों ने ले ली है लेकिन अमरीका और सऊदी अरब कह रहे हैं कि ये हमला ईरान ने किया है. सऊदी अरामको पर हुए हमले के बाद सऊदी तेल उत्पादन आधा हो गया है जिसके महीने के अंत तक ठीक हो आने की उम्मीद है. इस मामले में पहले ही रूस अपना बयान दे चुका है. रूस ने अपने बयान से जता दिया है कि वो ईरान के साथ खड़ा है.

अब चीन ने भी इस मुद्दे पर अपनी टिपण्णी की है. चीनी राष्ट्रपति ज़ी जिनपिंग ने सऊदी तेल मैदानों पर हुए हमलों के बारे में कहा कि खाड़ी देशों को अपने विवाद बातचीत से सुलझाने चाहियें. उन्होंने कहा कि सभी को बातचीत पर ध्यान देना चाहिए. ये बातें उन्होंने पीर के रोज़ ईराक़ के प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान कहीं.उन्होंने कहा कि इस समय पश्चिम एशिया के हालत तनावपूर्ण हैं और इस समय ज़रूरी है कि लोग समझदारी से काम लें.

आपको बता दें कि 14 सितम्बर को हुए इस हमले के बाद अमरीका और सऊदी अरब ने जहाँ ये कहा है कि इस हमले को ईरान ने किया है वहीँ ईरान ने इसको ग़लत बताया है. इस हमले की ज़िम्मेदारी यमन के हौथी गुट ने ली है. हौथी गुट को ईरान का समर्थन प्राप्त है परन्तु अमरीका का दावा है कि इस बार हमला ख़ुद ईरान ने किया है.

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