किसान आन्दोलन ने भाजपा को किया परेशान, केन्द्रीय मंत्री ने दिया बड़ा बयान…

March 17, 2021 by No Comments

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कृषि का’नून के खि’लाफ देश में किसान आन्दोलन की शुरुआत 26 नवंबर 2020 को पंजाब और हरियाणा से हुई थी. जिसके बाद फिर अन्नदाता दिल्ली के लिए निकल पड़े. पिछले करीब 100 दिनों से अधिक समय से देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्र’दर्शन कर रहे हैं। किसान संगठन और केंद्र सरकार के बीच गयारह दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई हल नही निकला। और फिलहाल सरकार ने अभी तक किसान संगठनों से बातचीत के लिए कोई भी ता’रीख तय नहीं की है। इसी बीच केंद्र सरकार में मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि बीजेपी पर किसानों के प्र’दर्शन का प्रभाव पड़ा है।

संजीव बालियान ने कहा कि निश्चित रूप से किसान आंदोलन का कुछ प्रभाव जरूर है लेकिन चुनाव के लिए हमारे पास पर्याप्त समय है। आगे उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा के किसान जिस कृषि कानून का वि’रोध उससे पश्चिमी यूपी के किसानों पर कोई प्र’भाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एपीएमसी मंडियां नहीं हैं और इन क्षेत्रों में पहले से ही चीनी मिलों और किसानों के बीच कांट्रेक्ट फार्मिंग हो रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में जाट समुदाय भा’वनात्मक रूप से जुड़ा है।


उत्तरप्रदेश की पु’लिस 28 जनवरी को गाजीपुर बॉ’र्डर को खाली करवाने के लिए नहीं पहुंचती तो क्या यह आंदोलन फैलता ? इस सवाल के जवाब में संजीव बालियान ने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं, इसे टाला जा सकता था। साथ ही उन्होंने कहा कि इसका पूरा जवाब उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही दे सकते हैं। पश्चिमी उत्तरप्रदेश के जाट मुस्लिम ग’ठजोड़ के बारे में पूछे गए सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मुसलमानों ने कभी भी जाट उम्मीदवारों को वोट नहीं दिया। लेकिन जब चौधरी चरण सिंह और लोकदल मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारते थे तब जाट उन्हें वोट देते थे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *