किसान ट्रैक्टर रैली के दिन हुई हिं’सा पर सुप्रीम कोर्ट ने कही बड़ी बात..

February 5, 2021 by No Comments

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें कहा गया था कि गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान रैली के दौरान हुई हिं’सा की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की अगुवाई में जांच होनी चाहिए या फिर एसआईटी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सरकार के समक्ष प्रतिनिधित्व दर्ज करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने प्रधानमंत्री के मीडिया में आए बयान का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कानून अपना काम करेगा।

कोर्ट ने कहा सरकार जांच कर रही है ऐसे में हम अभी दखल नहीं देंगे। याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित कर हिं’सा की जांच कराने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हमें यकीन है कि सरकार इसमें (हिं’सा) जांच कर रही है। हमने प्रेस में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए बयान कानून अपना काम करेगा पढ़ा है। इसका मतलब है कि इसमें जांच हो रही है। इस स्तर पर हम इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं।

बेंच में जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यन भी शामिल थे। बता दें कि वकील विशाल तिवारी ने एक याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में आयोग गठन करके जांच की मांग की गई थी। कोर्ट ने इसके अलावा ट्रैक्टर रैली हिं’सा से संबंधित दो अन्य याचिकाओं पर विचार करने से करने से भी इनकार कर दिया और याचिकाकर्ताओं को सरकार के समक्ष प्रतिनिधित्व दर्ज कराने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को किसी भी सबूत के बिना किसानों को ‘आतंकवादी’ घोषित न करने की निर्देश देने की मांग करने वाली एक अन्य जनहित याचिका को भी खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिं’सा और तोड़फो’ड़ मामले की स्वतंत्र एसआईटी जांच की मांग की गई थी। अर्जी में कहा गया था कि मामले की एसआईटी जांच हो या फिर सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की अगुवाई में जांच कमिशन द्वारा जांच कराई जाए। याचिका में कहा गया था कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से पूछा जाए कि 26 जनवरी को किसानों की रैली में हाई हिं’सा और सम्पत्ति के नुकसान मामले में अभी तक क्या कदम उठाया गया है।

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