किसान आन्दोलन के बाद झुकी ‘मोदी सरकार’? आल इंडिया किसान सभा ने दिया बड़ा बयान..

December 9, 2020 by No Comments

नई दिल्ली. किसान आंदोलन (Farmer Protest) अपने 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है. किसान नए कृषि क़ानूनों को वापिस लिए जाने की माँग कर रहे हैं. विवादित कृषि क़ानूनों को वापिस लिए जाने को लेकर सरकार तैयार नहीं दिख रही है, हालाँकि कुछ प्रशनों पर किसानों से चर्चा कर रही है. ‘मोदी सरकार’ कुछ संशोधन करने को तैयार तो हो गई है लेकिन किसानों का कहना है जब क़ानून में इतनी समस्याएँ हैं तो ये ज़बरदस्त क्यूँ रखा जा रहा है.

सरकार की ओर से बुधवार की वार्ता के संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है लेकिन शाह के साथ हुई बैठक के बाद कुछ किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित बैठक में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता. इन नेताओं ने कहा कि सरकार के लिखित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद ही अगले कदम पर निर्णय लिया जाएगा. अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा, ‘शाह जी ने कहा कि सरकार जिन संशोधनों के पक्ष में हैं उन्हें बुधवार को लिखित में देगी. हम लिखित संशोधनों को लेकर सभी 40 किसान यूनियनों से चर्चा करने के बाद बैठक में शामिल होने के बारे में फैसला लेंगे.’

किसानों ने आन्दोलन के ज़रिए सरकार पर दबाव बनाना शुरू किया तो सरकार इन संशोधनों पर राज़ी हुई है- 1. सरकार कृषि कानून में संशोधन करके उन्हें किसी भी परेशानी में कोर्ट जाने की इजाजत दे सकती है. मौजूदा कानून में ऐसा नहीं है. 2. किसान पंजीकरण व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. जबकि प्राइवेट प्लेयर पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं. सरकार द्वारा किसानों की यह मांग मानी जा सकती है. 3. न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी यानी को लेकर किसान नेताओं का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को हुई बैठक में एमएसपी प्रणाली और मंडी सिस्टम में किसानों के अनुसार कुछ बदलाव की बात कही है.

हन्नान मुल्ला ने बैठक के बाद बताया कि सरकार ने कहा है कि कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे लेकिन उनमें कुछ संशोधन किए जा सकते हैं. किसान इन कानूनों की वापसी पर अड़े हैं. संशोधन के मुद्दे पर किसान नेताओं का कहना है कि अगर इन कानून में संशोधन होता है तो उसकी रूपरेखा बदल जाएगी. हन्नान मुल्ला ने आज कहा है कि अगर सरकार लिखित में संशोधन के लिए कहती है तो आज की मीटिंग कैंसल समझिए, अगर लिखित में बिल को वापिस लिए जाने की बात होगी तब हम विचार करेंगे.

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