करोड़ों की संपत्ति लेकर भागी थी दुबई की राजकुमारी, अब सामने आया चौं’काने वाला राज़…

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो दुबई के शाह शेख़ मोहम्मद राशिद अल मक़तूम की बेग़म, राजकुमारी हया अपने कथित प्रेमी और सिक्योरिटी गार्ड रसैल फ्लावर के साथ अपने दो बच्चों को लेकर और साथ में क़रीब 271 करोड़ डॉलर की संपत्ति को लेकर दुबई से भागी थीं। पहले ख़बरें आई थीं कि वह जर्मनी चली गई हैं। लेकिन, बाद में पता चला कि राजकुमारी हया ने ब्रिटेन में राजनीतिक शरण की मांग की थी। बता दें कि लंदन के कोर्ट में राजकुमारी हया और दुबई के शाह के तलाक़ का और बच्चों की कस्टडी का मामला चल रहा है।

अब इस प्रकरण ने एक नया मोड़ ले लिया है और जो नई जानकारियां सामने आई हैं उन्होंने इस मामले को सर के बल पलट दिया है राजकुमारी हया के कथित प्रेमी और सिक्योरिटी गार्ड सनफ्लावर ने मीडिया में चौका देने वाला दावा किया है रसाल का कहना है कि राजकुमारी है यानी अपने पति दुबई के शेख मोहम्मद राशिद अल मकतूम को इसलिए छोड़ दिया क्योंकि शाह राजकुमारी की सैक्स ज़रूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे थे।

बता दें कि दुबई के शाह शेख़ मोहम्मद राशिद अल मक़तूम और उनकी बेग़म राजकुमारी हया की उम्र में क़रीब 18 साल का अंतर है। साथ ही रसैल का ये भी दावा है कि राजकुमारी हया को नए-नए मर्दों के साथ शारीरिक संबंध बनाना पसंद है और उनके कई मर्दों के साथ शारिरिक संबंध हैं। इसके अलावा राजकुमारी के सेक्यूरिटी गार्ड ने ये भी दावा किया है कि वह राजकुमारी की सैक्स ज़रूरतों को पूरा करने का महज़ एक उत्पाद मात्र है।

इस प्रकरण में लगातार हो रहे नए-नए ख़ुलासों ने लोगों को हैरानी में डाल रखा है। अब जो विश्वस्त सूत्रों से ख़बरें आ रही हैं, उनके अनुसार राजकुमारी हया ने रसैल के साथ मिलकर अपने पति और दुबई के शाह की हत्या की साज़िश भी रची थी, जिसमें उन्हें अपने सगे भाई और जॉर्डन के प्रिंस अली का समर्थन हासिल था। लेकिन वह क़ामयाब नहीं हो सकी थीं।

हालांकि, उनके सौतेले भाई और जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। और किंग अब्दुल्लाह ने दुबई से भागी राजकुमारी हया को कोई मदद नहीं दी थी। लेकिन किंग अब्दुल्लाह ने अपनी सौतेली बहन हया को लंदन में जॉर्डन के दूतावास में मिशन के उप प्रमुख के रूप में एक राजनायिक पद का प्रबंधन का पद दिया था। क्योंकि, ब्रिटेन ने दुबई के साथ संबंधों को देखते हुए हया को राजनीतिक शरण देने से मना कर दिया था।

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.