कर्णाटक में राजनेतिक संकट गर्माता जा रहा है. जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की सरकार अब मुश्किल में है. स्थिति कुछ इस तरह है कि सरकार कभी भी गि’र सकती है. वहीँ मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और कांग्रेस-जेडीएस के बड़े नेता इस कोशिश में हैं कि सरकार को किसी तरह से बचा लिया जाए. परन्तु कांग्रेस के कई विधायकों के बा’ग़ी हो जाने की वजह से अब सरकार पर बड़ा ख़’तरा नज़र आ रहा है.

इस समय कांग्रेस-जेडीएस के 103 ही विधायक रह गए हैं वहीँ भाजपा के पास 107 विधायक हैं. ऐसे में भाजपा बहुमत तक पहुँचती नज़र आ रही है. कांग्रेस के 79 विधायक चुन कर आये थे लेकिन इनमें से 10 ने अपना इस्तीफ़ा दे दिया है. दूसरी और जेडीएस के 37 विधायक चुन कर आये थे जिनमें से 3 ने अपना इस्तीफ़ा दे दिया है. दो निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापिस ले लिया है.

भाजपा अब पूरी तरह से कोशिश में है कि उसकी सरकार कर्णाटक में बन जाए. इसको लेकर पार्टी पूरी कोशिश कर रही है. वहीँ कांग्रेस और जेडीएस के नेता आरोप लगा रहे हैं कि जिन कांग्रेस-जेडीएस विधायकों ने इस्तीफ़े दिए हैं उन्हें भाजपा ने पैसे देकर अपने पक्ष में किया है. हालाँकि भाजपा नेताओं का कहना है कि विधायकों ने इस्तीफे अपने विवेक पर दिए हैं.

इस बीच भाजपा की नेत्री शोभा करंदलाजे ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब हमारी ताक़त कांग्रेस-जेडीएस से अधिक है. हम लगभग 107 हैं जबकि वो 103 विधायकों तक सिमट गए हैं. उन्होंने कहा कि अब राज्यपाल को इस बारे में फ़ैसला लेना चाहिए और भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए.

दूसरी ओर कांग्रेस के वो विधायक जिन्होंने अपनी पार्टी से इस्तीफ़ा दिया है वो मुंबई में ठहरे हैं. पहले ये ख़बरें आ रहीं थीं कि उन्हें पुणे ले जाया जा सकता है लेकिन बाद में ये हुआ कि उन्हें गोवा ले जाया जाएगा और अब ख़बर है कि उन्हें मुंबई की ही किसी ऐसी जगह ठहराया गया है जिसके बारे में किसी को पता नहीं है.

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