नई दिल्ली: कर्नाटक की सियासत इन दिनों तेज़ी से हि’चकोले खा रही है। जनतादल(सेकुलर) व कांग्रेस गठबंधन की सरकार को हटाने के बाद सत्ता पाई बीजेपी ने येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी थी।येदियुरप्पा का ये कार्यकाल उतना आसान नही रहा है आये दिन कोई न कोई कर्नाटक बीजेपी नेता मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के खि’लाफ आवाज़ बुलंद करता रहता है।

अं’तर्कलह से पीड़ित कर्नाटक बीजेपी इन दिनों दो भागों में विभाजित हो चुकी है। एक तरफ मुख्यमंत्री येदियुरप्पा का समर्थक गुट है तो दूसरी तरफ वि’रोधी गुट है। अभी कुछ दिन पहले ही बीजेपी के विधान पार्षद ए एच विश्वनाथ ने सरेआम येदियुरप्पा को हटाने की मांग की और मुख्यमंत्री के छोटे बेटे बी वाई विजयेंद्र पर भ्रष्टाचार और प्रशासन में दखल देने के आरोप लगाए थे।

कर्नाटक बीजेपी का येदियुरप्पा विरोधी धड़ा मुख्यमंत्री बदलने की मांग को और ज़ोर शोर से उठा रहा है। विरोध को शांत करने व वास्तविक स्थियों को जानने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रभारी अरुण सिंह ने स्वंय प्रदेश का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान अरुण सिंह ने बीजेपी विधायकों से बातचीत करके उनकी टोह भी ली थी। लेकिन इस बीच मिली जानकारी के अनुसार येदियुरप्पा शनिवार को अचानक विशेष विमान से दिल्ली पहुंच गए। जहाँ उन्होंने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।

इन मुलाकातों से ये आंकलन लगाया जा रहा है कि येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी व जेपी नड्डा के सामने मुख्यमंत्री पद से उम्र का हवाला देते हुए इ’स्तीफा देनी की पेशकश की है। 78 वर्षीय येदियुरप्पा अपने राजनैतिक जीवन के सबसे बड़े भंवर में फं’स गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि उम्र के साथ येदियुरप्पा का राजनैतिक जीवन भी अब ढल चुका है।

उम्मीद जताई जा रही है कि 26 जुलाई तक कर्नाटक को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। 26 जुलाई को बीजेपी सरकार के कर्नाटक में 2 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस वशेष अवसर पर बीजेपी नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलवा सकती है। वहीं दूसरी तरफ येदियुरप्पा ने इ’स्तीफे के बातों को अ’फवाह करार देते हुए कहा है कि पद छोड़ने का सवाल ही पैदा नही होता है।

शनिवार को जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि हमने कर्नाटक में पार्टी के विकास के बारे में विस्तार से बात की। उनके पास मेरा बहुत अच्छा विकल्प है। मैं पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने के लिए काम करूंगा। इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीजेपी कर्नाटक में इन दिनों सब सही नही चल रहा है। गु’टबाजी और सरकार के प्रति जनता की बढ़ती ना’राज़गी ने कर्नाटक बीजेपी को अंदर से खो’खला कर दिया है। अब आगे यही देखना है कि कर्नाटक के इस नाटक का पटाक्षेप कब तक होता है।

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