कन्हैया कुमार के मामले में हाई कोर्ट ने सुनाया फ़ैसला, विरोधी पर लगा 25 हज़ार का जुर्माना..

September 6, 2020 by No Comments

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कन्हैया कुमार के ख़िलाफ़ दाख़िल की गई एक याचिका पर कड़ा फ़ैसला सुनाया है. अदालत ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष रहे कन्हैया कुमार को राहत दी है और साथ ही याचिकाकर्ता को फटकार लगाई है. असल में एक व्यक्ति ने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कन्हैया कुमार की नागरिकता समाप्त करने की माँग की थी. वाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्र पर अदालत ने 25 हज़ार का जुर्माना लगाया है.

अदालत ने माना है कि याचिकाकर्ता ने कोरोना के समय में अदालत का क़ीमती समय बर्बाद किया है.कोर्ट ने हर्ज़ाने की 25 हज़ार की रक़म एक माह के भीतर महानिबंधक के समक्ष जमा करने का निर्देश दिया है. यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता एवं न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने दिया है. अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 5(सी) और भारतीय नाग‌रिकता कानून 1955 की धारा 10 के प्रावधानों का हवाला दिया और कहा कि किसी भी भारतीय भारतीय नागरिक को उसकी नागरिता से सिर्फ तभी वंचित किया जा सकता है, जब उसे नेच्युरलाइजेशन (विदेशी व्यक्ति को भारत का नागरिक बनाने की प्रक्रिया) या संविधान में प्रदत्त प्रक्रिया के तहत नागरिकता दी गई हो। कन्हैया कुमार भारत में ही पैदा हुए हैं।

कन्हैया जन्मजात भारत के नागरिक हैं. इसलिए सिर्फ मुकदमे का ट्रायल चलने के आधार पर उनकी नागरिकता समाप्त नहीं की जा सकती. अदालत ने ये भी कहा कि ऐसा लगता है कि याची ने बिना क़ानूनी प्रावधानों का अध्ययन किए महज़ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए याचिका डाली थी. याचिका ऐसे समय में डाली गई है जबकि कोरोना की वजह अदालती काम प्रभावित है. ऐसे में इस प्रकार की फ़िज़ूल की याचिका दाखिल करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग और अदालत के कीमती वक़्त की बर्बादी है. इसी वजह से अदालत ने 25 हज़ार का जुर्माना लगा दिया है. अदालत ने कहा कि अगर किसी पर ट्रायल चल रहा है इसका मतलब ये नहीं है कि उसकी नागरिकता ले ली जाए.

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