श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के अंदर मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35 ए को ख’त्म कर दिया था। अनुच्छेद 370 और 35 ए के हटने से जम्मू कश्मीर को प्राप्त विशेष राज्य का दर्जा भी छी’न गया और उसे केंद्र शासित प्रदेश के रूप में घो’षित कर दिया गया था। जिसकी वजह से जम्मू कश्मीर में मोदी सरकार के प्रति काफी गु’स्सा नज़र आया। वि’रोध प्रदर्शन हुए।

अनुच्छेद 370 और 35 ए के हटने से लोगों ने अपनी ना’राज़गी जताई। जब विरोध प्रदर्शन बड़े स्तर पर होने लगे तब राज्य में केंद्र सरकार के आदेश अनुसार इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी। जिसके बाद लोगों के जीवन पर भी असर पड़ा। शिक्षा और रोज़गार जैसी चीज़े खासतौर पर प्रभावित हुई हैं। अब केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बातचीत करना चाहती है। जिसके लिए पीएम मोदी 24 जून को दिल्ली में एक बैठक करने जा रहे हैं।

इस बैठक के लिए 14 नेताओं को निमंत्रण भेजा जा चुका है। और उन्हें फोन के ज़रिए भी बैठक को लेकर अवगत किया जा चुका है। जम्मू कश्मीर की एक महत्वपूर्ण पार्टी पीडीपी को भी होने वाली बैठक का न्यौता मिल गया है। लेकिन अब इसी बीच ऐसी खबरें हैं कि जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पीएम मोदी की बैठक में शामिल नही होना चाहती।

सूत्रों के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती इस बैठक से दूर हो सकती हैं। रविवार को पीडीपी की पार्लियामेंट अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की बैठक होगी। जिसमें यह फैसला लिया जायेगा कि 24 जून को पीएम मोदी की होने वाली बैठक में महबूबा मुफ़्ती शामिल होंगी या नही। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35 ए को हटाने के बाद जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों से बातचीत करने के लिए यह केंद्र सरकार की पहली पहल है। जिसके लिए केंद्र सरकार ने फारूख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत 14 नेताओं को 24 जून की बैठक के लिए बुलाया है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *