बेंगलुरु: कर्णाटक सियासी संकट में अब सबकुछ साफ़ हो गया है. लम्बे समय से चले आ रहे कर्णाटक संकट का एक अध्याय आज पूरा हो गया. कर्णाटक सरकार विश्वास मत हा’र गई है. समाचार एजेंसी ani ने इस बारे में एक ट्वीट किया है.कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में 99 वोट पड़े जबकि भाजपा के पक्ष में 105 वोट पड़े.

इसके पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्दरमैया ने कहा कि किसी विधायक को 25 करोड़ में ख़रीदा जा रहा है तो किसी को 30 करोड़ और किसी को 50 करोड़…आख़िर ये पैसा कहाँ से आ रहा है? वे (बाग़ी विधायक) डिस-क्वालीफाई होंगे..उनकी राजनीतिक समाधी बन चुकी है..जो भी बाग़ी हुआ है वो हा’रा है..जिन लोगों ने इस्तीफ़ा दिया है उनके साथ भी यही होगा. यही होना चाहिए.

इसके पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि भाजपा के नेताओं को ग़लत जानकारी है, मैं मुंबई बाग़ी विधायकों से मिलने के लिए गया था..मैंने एक विधायक से बात की और वो हमारे साथ आने को तैयार थे.उन्होंने कहा कि हाँ, मैंने ही एमटीबी नागराज को टिकट दिलवाया था..मैंने उनसे बात की और उन्होंने भी एक बयान दिया.

उन्होंने कहा,”क्या हमने उन्हें बंद कर दिया? नहीं, क्यूंकि हमें भरोसा है उन पर..उन्हें यहाँ लाइए, उन्हें सरकार के ख़िलाफ़ वोट करने दीजिए….ये भाजपा नहीं है जिसने मेरी पीठ में छुरा भोंका, ये मुंबई में बैठे बाग़ी हैं जिन्होंने ऐसा किया..लेकिन चिंता मत करें, वो आपके साथ भी यही करने वाले हैं..मैं कह देता हूँ, वे मंत्री नहीं बन पायेंगे.”

विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी के विश्वास प्रस्ताव पर चौथे दिन की चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों के ग़ैर हाज़िर होने पर खेद व्यक्त किया. सदन में मंगलवार को सत्ता पक्ष के एक दो विधायक ही नज़र आये जबकि आज विश्वास प्रस्ताव को लेकर मतदान होना है. कुमार ने मंत्री प्रियांक खड़गे से पूछा, ‘यह अध्यक्ष के भविष्य की बात है विधानसभा के. बहुमत तो छोड़िए आप अपनी विश्वसनीयता भी खो देंगे.’

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