जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की ये मांगे हुई पूरी, अब क्या योगी सरकार..

उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। हाल ही में उन्हें पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में शिफ्ट किया गया है। दरअसल योगी सरकार बीते काफी समय से उतार अंसारी को वापस उत्तर प्रदेश लाने की कोशिश कर रही थी जो कि काफी वक्त बाद पूरी हो पाई है।

अब खबर सामने आई है कि उत्तर प्रदेश योगी सरकार ने बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की कुछ मांगों को मान लिया है। मुख़्तार अंसारी को जेल में अब मच्छरदानी और कूलर की संविदा दे दी गई है। हालांकि बुधवार को एक वीडियो कांफ्रेंस के दौरान इस मामले में हुई सुनवाई में बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी ने कोर्ट को बताया है कि उन्हें अभी तक बेड नहीं मिल पाया है। उनकी फिजियोथैरेपी भी नहीं कराई जा रही है।

इस पर कोर्ट ने जेल से रिपोर्ट मांगी है आपको बता दें कि बीते दिनों बांदा जेल में बंद बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी कोरोना वायरस अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। उनकी एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है जेल के अंदर रहते हुए मुख़्तार अंसारी ने कोरोना से जंग जीत ली।

वह 24 अप्रैल को कोरोनावायरस में दिन के समय मुख्तार अंसारी का समय जेल में बैरक के बाहर पेड़ के नीचे पर बीतता है। मुख्तार को बीते आठ अप्रैल को पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा लाया गया था जिसके कुछ दिन बाद उनको कोरोना हो गया था।

मुख्तार को कड़ी निगरानी में जेल में रखा गया है। मुख्तार की सुनवाई वीडियो कांफ्रेसिंग से होती है जबकि उस पर निगाह रखने के लिये कई सीसीटीवी कैमरे जेल परिसर में लगाये गये हैं। जेएम फास्ट ट्रैक संतोष वर्मा ने अभियोजन अधिकारी और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दरोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद मुख्तार अंसारी का न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 21 मई की तिथि नियत की।

साथ ही जेल अधीक्षक बांदा से मुख्तार अंसारी की मेडिकल बोर्ड की पूरी रिपोर्ट तलब की है। अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला निहार नंदन कुमार की तहरीर पर थाने में 5 जनवरी 2020 को आयुध अधिनियम और जा’लसा’जी की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

मुख़्तार अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने पांच लोगों का नाम अपने लैटर पैड पर लिखकर उनका असलहा लाइसेंस बनवाने के लिए मऊ के जिलाधिकारी से सिफारिश की थी। लेटर पैड के आधार पर जिलाधिकारी ने सभी को लाइसेंस जारी किया था। बाद में जांच के दौरान तीन का अ’सल’हा फ’र्जी पते पर बनना पाया गया। जिस पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के खिलाफ दक्षिणटोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।’

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