तेल-अवीव: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू कुछ ही दिनों के लिए इस पद पर और हैं क्यूंकि चुनाव में उनकी पार्टी बहुमत नहीं ला सकी है. ऐसे में माना जा रहा है कि बैनी गेंत्ज़ प्रधानमंत्री बन सकते हैं. पिछले कुछ समय से नेतान्याहू के लिए दौर आसान नहीं रहा है. लिकुद पार्टी चुनाव में उतना अच्छा नहीं कर सकी जिसकी उम्मीद नेतान्याहू लगा कर बैठे थे. चुनाव प्रचार के अंतिम समय में उन्होंने कथित तौर पर कुछ आपत्तिजनक बयान भी दे दिए.

हालाँकि कोई पैंतरा लिकुद पार्टी का नहीं चला और वो दक्षिणपंथी गठबंधन को बहुमत नहीं दिला सकी. अब नेतान्याहू एक और विवाद में फँसते नज़र आ रहे हैं. नेतान्याहू ने एक किताब को फ़ुटरेस्ट के तौर पर प्रयोग करके विद्या का अपमान किया है। ज़ायोनी प्रधानमंत्री बिनयामीन नेतेनयाहू ने वल्ला वेबसाइट की महिला पत्रकार ताल शालू को इन्टरव्यू देते हुए एक किताब अपने जूतों के नीचे रखकर उसे एक फ़ुटरेस्ट के रूप में प्रयोग किया।

एक समाचार वेबसाइट में छपी ख़बर के मुताबिक़, यह किताब एक इस्राईली लेखक जदऊन अफ़रात ने लिखी है जिसका शीर्षक है ” One Hundred Years of Art in Israel” अफ़रात ने बिनयामीन नेतेनयाहू की इस ओछी हरकत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि किसी को यह पसंद नहीं कि उसे पैरों तले रौंदा जाए। निसंदेह जहां साहित्यिक किताबें पैरों तले रौंदी जाती हों वहां पर पढ़े लिखे लोगों और वैज्ञानिकों का कोई महत्व नहीं होगा और उन्हें भी पैरों तले रौंदा जाएगा। कट्टरपंथी ज़ायोनी प्रधानमंत्री को अपनी इस ओछी हरकत की वजह से व्यापक विरोध का सामना करना पड़ा है।

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