इज़राइल में चुनाव नतीजों के बाद ‘संकट’, चुनाव में ‘अरबों के ख़िला’फ़’ बात करने वाले नेतान्याहू ने अब..

तेल अवीव: इज़राइल में आम चुनाव के नतीजे आ गए हैं लेकिन ये नतीजे कुछ इस तरह के हैं किसी भी पार्टी का बहुमत इसमें नहीं आ सका है. एक ओर ब्लू एंड वाइट पार्टी ने पहले ही कह दिया है कि वो किसी भी ऐसे गठबंधन का समर्थन नहीं करेगी जो लिकुद नेता और मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के नेतृत्व में होगा. इस बात को समझते हुए अब नेतान्याहू ने मुख्य विपक्षी दल के साथ यूनिटी गवर्नमेंट बनाने की बात कही है.

दूसरी तरफ़ बेनी गैन्त्ज़ ने साफ़ कह दिया है कि यूनिटी गवर्नमेंट अगर बनती है तो वो ही प्रधानमंत्री बनें. गैन्त्ज़ ने पत्रकारों से कहा कि ब्रॉड यूनिटी गवर्नमेंट में उन्हें प्रधानमंत्री चुना जाना चाहिए. ब्लू एंड वाइट पार्टी के एक वरिष्ठ नेता मोशे यालों ने कहा है कि हम किसी भी ऐसे गठबंधन में शामिल नहीं होंगे जिसका नेतृत्व बेंजामिन नेतान्याहू करेंगे.

नेतान्याहू ने बयान देकर कहा है कि वो चाहते थे कि दक्षिण पंथी सरकार देश में बने लेकिन दुःख की बात है कि चुनाव के नतीजों ने इसे असंभव बना दिया है. उन्होंने कहा कि इसलिए बेनी गैन्त्ज़ के साथ हमें आज के आज गठबंधन करना चाहिए. आपको बता दें कि इज़राइल में चुनाव के नतीजों में लिकुद पार्टी को 32 सीटें मिल रही हैं जबकि इतनी ही सीटें ‘नीला और सफ़ेद’ पार्टी को भी मिली हैं.

‘जॉइंट लिस्ट’ को 12 सीटें मिली हैं और शास् को 9 सीटें तथा यिसरैल बेय्तेनु को भी 9 सीटें मिली हैं. इसके अतिरिक्त यूनाइटेड तोरा को 8, यमिना को 7 , लेबर-गशेर को 6, डेमोक्रेटिक कैम्प को 5 सीटें मिली हैं. लिकुद और बाक़ी सभी दक्षिण पंथी दलों को मिला लिया जाए तब भी कुल सीटें 56 हो रही हैं जबकि 120 सीटों वाली क्नेस्सेट में बहुमत के लिए 61 सीटों की आवश्यकता है. दूसरी सेंटर-लेफ़्ट समूह के पास 55 सीटें आ रही हैं और लिबेर्मन के पास 9. रास्ता अभी साफ़ कुछ नज़र नहीं आ रहा है लेकिन जानकार मानते हैं कि नेतान्याहू शायद ही प्रधानमंत्री चुने जाएँ.

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