‘इस्लाम विरो’धी’ बयानों पर मु’श्किल में फ़्रांसीसी राष्ट्रपति, मुसलमा’नों के साथ आये ईसाई..

October 27, 2020 by No Comments

फ़्रांसिसी राष्ट्रपति इम्मानुएल मक्रों की मुश्किलें अब बढ़ती दिख रही हैं. अरब देशों में फ़्रांसिसी सामान का विरो’ध तेज़ हो गया है वहीँ दूसरे मुस्लिम देशों में भी वि’रोध जमकर हो रहा है. इस बीच ख़बर है कि अरब देशों में ईसाई समुदाय भी फ़्रांसिसी राष्ट्रपति के ‘मु’स्लिम विरो’धी’ बयान का वि’रोध कर रहा है. फ़्रांसिसी राष्ट्रपति के स्टैंड की आ’लोचना करते हुए क़तर के समाचार चैनल अल-जज़ीरा में काम करने वाले एक सीनियर एंकर जलाल चाहदा ने कहा कि मैं जलाल चाहदा, एक अरब लेवांत ईसाई हूँ और मैं पुरोज़ोर तरह से पै’ग़म्बर मुहम्मद की बेइज़्ज़ती करने वालों की भ’र्त्स’ना करता हूँ.

बुध के रोज़ मक्रों ने कहा था कि वो पैग़’म्बर मुहम्म’द की बेइ’ज़्ज़ती करने वाले कार्टून को पब्लिश करने से नहीं रोकेंगे. चाहदा के अलावा भी कई ईसाईयों ने मक्रों के बयानों की कड़ी आलो’चना की. मु’स्लिम देशों में फ़्रांस के सामान का बा’यकाट करने की मुहिम चल रही है. सोशल मीडिया पर ब’ड़े स्तर पर कै’म्पेन चल रही है जिसके तहत फ़्रांसिसी सामान के बायका’ट की बात कही जा रही है.

फ़्रांस के ने’ताओं को शायद इस बात का अंदाज़ा नहीं था और इसका प्रभाव फ़्रांसिसी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. फ़्रांस के लिए अरब-मुस्लिम वर्ल्ड बड़ा बाज़ार है और अगर वहाँ उसका वि’रोध बढ़ता है तो कोरोना काल में उसकी अर्थव्यवस्था के लिए भारी सं’कट हो सकता है. आपको बता दें कि फ़्रांस में एक मुस्लि’म युवक द्वारा टीचर की ह’त्या कर देने के बाद फ़्रांस ने कई ऐसे क़दम उठाये हैं जिसकी कड़ी निं’दा हो रही है.

मु’स्लिम देशों ने ह’त्या की भ’र्त्सना की है लेकिन इसके बाद जो क़’दम फ़्रांस ने उठाये हैं वो धर्म-विशेष के ख़िला’फ़ उठाये गए क़’दम लग रहे हैं. पेरिस की एक मस्जिद को भी फ़्रां’सिसी सरकार ने इसी सिलसिले में बं’द कर दिया जिसका मुस्लि’म समुदाय ने बुरा माना है.

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