बिहार की सियासत को कौन नहीं जनता है ,जब से वहां नितीश और बीजेपी की गढ़ब्न्धन की सरकार बनी है तब से वहां कोई न कोई विवाद चल रहा है दूसरी तरफ लालू के बेटे तेजस्वी हर तरफ अपना सिक्का ज़माने की कोशिश में लगे है,और अगले सीएम बनने की कोशिश कर रहे ,इसी बीच एक ख़ुशी की बात सामने आयी है आइये आपको बताते है उस ख़ुशी के बारे में,

अभी हाल में ही 64 वी सईयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया गया है ,इस परीक्षा को पास करके डीएसपी के रूप में चुनी जाने वाली रज़िया सुल्तान ने इतिहास रच दिया है,रज़िया सुल्तान एक मुस्लिम समाज से है,रज़िया ने बीपीएससी परीक्षा में पहले ही दफा में पास करके के दिखाया है,

रज़िया सुल्तान अभी बिहार में बिजली विभाग के सहायक अभियंता के पद पर काम कर रही है,अब वो जल्दी ही इस सरकारी नौकरी को छोड़ कर खाकी वर्दी में नज़र आने वाली है जबकि बीपीएससी परीक्षा में 40 लोगो को डीएसपी के पद पर चुना गया है जिस में 4 मुस्लिम है इन्ही चारो लोगो में से एक रज़िया सुल्तान भी है,

आइये अब हम आपको बताते है इंजीनियर से डीएसपी बनने के बारे में,बीपीएससी परीक्षा में में पास होने के बाद रज़िया ने आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत की, जहाँ पर उन्होंने अपनी इस सफलता के बारे में बताया ,रज़िया की उम्र 27 साल है वो बिहार के गोपाल गंज की है लेकिन उनकी शुरुआती पढाई झारखण्ड में हुई है उनके पिता झारखण्ड में बोकारो स्टील प्लांट में काम किया करते थे उनके पिता का नाम मोहम्मद असलम था सन 2016 में उनके पिता की मौत हो गयी रज़िया की माँ अभी भी बोकारो में ही रहती है,

रज़िया ने बताया की 6 बहनो और एक भाई में वो सबसे छोटी है,उनकी पांच बहनो की शादी हो चुकी है और उसका भाई एमबीए कर रहा है रज़िया के मुताबिक 2019 में बोकारो से 10 और 2011 में 12 वी पास करने के बाद जोधपुर चली गयी जहाँ से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढाई की,रज़िया ने बताया की उन्हें बचपन से ही लोक सेवा आयोग की नौकरी करने का शौक था और इस शौक को हमेशा बनाये रख्खा, 2018 बीपीएससी की प्रारम्भिक एग्जाम दिया और 2019 में मेंस परीक्षा पास किया इन सब के बाद इंटरव्यू में उन्होंने जगह बनायीं और इस साल घोषित नतीजों में डीएसपी के पद पर उनका चयन हो गया है,

रज़िया ने बताया की इस्लाम में औरतो को हिजाब में रहना कोई गलत बात नहीं है और लड़किया हिजाब में भी कॉलेज में पढ़ सकती है उन्होंने कहा हिजाब बंदिश नहीं है बल्कि बंदिश मन के अंदर होती है और अगर हमको लगता है की हम कोई काम कर सकते है तो उस काम को करने के लिए अल्लाह हमको पूरी ताक़त देता है,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *