इस मुस्लि’म देश ने भारत के लिए किया बड़ा एला’न, अब अगर..

दुनिया में लगभग सभी देश चाहते हैं कि उनके यहाँ पर्यटन का विस्तार हो. इसकी वजह से ये देश अलग अलग तरह की सुविधाओं का एलान विदेशी पर्यटकों के लिए करते रहते हैं. कुछ इसी तरह का एलान साउथ ईस्ट एशिया के देश मलेशिया ने किया है. मलेशिया ने भारत और चीन के लोगों के लिए विशेष एलान किया है. एक ख़बर के मुताबिक़ मलेशिया घूमने के लिए अब भारतीयों पर्यटकों को सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल रजिस्ट्रेशन ऐंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम का यूज करना होगा।

हालांकि उनको इस देश में ऑथराइज्ड एयरपोर्ट या एंट्री प्वॉइंट्स से ही एंट्री और एग्जिट करना होगा। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से मलेशिया ने अपने कई बयानों से भारत को नाराज कर दिया था। भारत सरकार द्वारा नागरिकता कानून लाने पर मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. महातिर मोहम्मद के बयान को लेकर मलेशिया के उच्चायुक्त को समन किया था।

महातिर ने नागरिकता कानून पर अफसोस जताया था और कहा था कि यह मुस्लिमों के खिलाफ है। हालांकि मलेशिया के विदेश मंत्री दातुक सैफुद्दीन अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया थी। उन्होंने कहा, मलेशिया के शीर्ष दूत को बुलाने को मैं बिल्कुल सामान्य मानता हूं। जब एक देश किसी घटना या बयान को लेकर असंतुष्ट होता है तो वह उस पर स्पष्टीकरण लेता है और हमारे उच्चायुक्त दातुक हिदायत अब्दुल हामिद ने इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

मलेशिया के विदेश मंत्री ने म्यांमार का उदाहरण देते हुए कहा, रोहिंग्या समुदाय को लेकर हमारे बीच मतभेद होने के बावजूद म्यांमार के साथ मलेशिया के अच्छे रिश्ते हैं। म्यांमार में हमारा कारोबारी समुदाय बिल्कुल सामान्य तौर पर काम कर रहा है। हालांकि मलेशियाई पीएम महातिर मोहम्मद ने कहा था कि भारत ने सैन्य बल प्रयोग के जरिए कश्मीर पर कब्जा कर रखा है और दुनिया को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। भारत सरकार द्वारा नागरिकता कानून लाने पर मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. महातिर मोहम्मद के बयान को लेकर मलेशिया के उच्चायुक्त को समन किया था।

महातिर ने नागरिकता कानून पर अफसोस जताया था और कहा था कि यह मुस्लिमों के खिलाफ है। हालांकि मलेशिया के विदेश मंत्री दातुक सैफुद्दीन अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया थी। उन्होंने कहा, मलेशिया के शीर्ष दूत को बुलाने को मैं बिल्कुल सामान्य मानता हूं। जब एक देश किसी घटना या बयान को लेकर असंतुष्ट होता है तो वह उस पर स्पष्टीकरण लेता है और हमारे उच्चायुक्त दातुक हिदायत अब्दुल हामिद ने इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

मलेशिया के विदेश मंत्री ने म्यांमार का उदाहरण देते हुए कहा, रोहिंग्या समुदाय को लेकर हमारे बीच मतभेद होने के बावजूद म्यांमार के साथ मलेशिया के अच्छे रिश्ते हैं। म्यांमार में हमारा कारोबारी समुदाय बिल्कुल सामान्य तौर पर काम कर रहा है। हालांकि मलेशियाई पीएम महातिर मोहम्मद ने कहा था कि भारत ने सैन्य बल प्रयोग के जरिए कश्मीर पर कब्जा कर रखा है और दुनिया को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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