इस बात को लेकर शायद किसी को भी शक नहीं है कि पिछले कुछ वर्षों में पत्रकारिता का स्तर गिरा है. पत्रकारिता अब किसी पार्टी के लिए माहौल बनाने का काम ही नहीं करती बल्कि धार्मिक उ’न्माद भ’ड़काने में भी पत्रकारों का बड़ा रोल हो गया है. हालत तो ये है कि ढूंढ ढूंढ कर ऐसे सवाल लाये जाते हैं जिनसे कि उ’न्माद पैदा हो वहीँ अपने मत की पार्टी को ख़ुश करने के लिए उनकी आलो’चना को सिरे से इग्नोर कर दिया जाता है.

फ़िलहाल बात अर्नब गोस्वामी या सुधीर चौधरी की नहीं हो रही है बल्कि एबीपी न्यूज़ के एक एंकर सुमित अवस्थी(Sumit Awasthi) को लेकर के. अवस्थी बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव(Tejasvi Yadav) का इंटरव्यू ले रहे थे. हालाँकि वो जिस तरह से उनसे सवाल पूछ रहे थे ये कई लोगों को पसंद नहीं आया. तेजस्वी यादव समर्थकों का दावा है कि एबीपी के एंकर सुमित अवस्थी ने जब सवाल किया कि बिहार चुनाव को लेकर उनकी क्या योजना है तो इस पर तेजस्वी ने कहा कि अभी हम सभी एक महामारी से लड़ रहे हैं.


तेजस्वी के इस जवाब पर अवस्थी कथित तौर पर ये कह गए कि आप लोग फिर समाज सेवा करिए राजनीति मत करिए. ट्विटर पर इसको लेकर वीडियो भी वायरल है जिसमें अवस्थी इसी बात को लेकर तेजस्वी से बहस कर रहे हैं. अब इसको लेकर तेजस्वी यादव ने कुछ ट्वीट किये हैं. उन्होंने राजद द्वारा शेयर किये गए एक वीडियो को री-ट्वीट करते हुए लिखा,”आप लोगों ने देश को बर्बा’द कर दिया है। आप पत्रकारिता के नाम पर क’लंक हो।”

उन्होंने एक अन्य री-ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने अमित शाह और सुमित अवस्थी का पुराना वीडियो साझा किया है और दिखाने की कोशिश की है कि अवस्थी भाजपा नेता से किस मुहब्बत से बात कर रहे हैं. उन्होंने इसके साथ लिखा,”पूर्व में जनता नेताओं से सवाल करती थी अब पत्रकारों से करती है। पहले पत्रकार नेताओं को कलंक बताते थे अब नेता सरेआम पत्रकारों को क’लंक बता रहे है। भारतीय मीडिया के लिए आत्मचिंतन, आत्म मंथन, आत्मविश्लेषण और अंतरावलोकन करने का यह उचित समय है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *