इरफ़ान पठान ने क्रिकेट से लिया संन्यास,’मुझे तो ये भी नहीं पता था कि मैं..’

खेल दुनिया

मुम्बई: एक समय था जब इरफ़ान पठान का ऐसा नाम था कि विपक्षी टीमें उनसे घबराती थीं. सौरव गांगुली जब क्रिकेट टीम के कप्तान थे तो उन्होंने कई बड़े प्लेयर खोजे थे जिनमें से एक इरफ़ान भी थे. इरफ़ान पठान ने अपनी बोलिंग से अच्छे अच्छों को परेशान कर दिया था. दुनिया के बड़े बल्लेबाज़ उनसे घबराते थे. इरफ़ान की ख़ासियत ये भी थी कि वो बल्लेबाज़ी भी अच्छी करते थे. वो लोअर आर्डर में आते थे और तेज़ गति से खेल जाते थे.

इसके बाद उनसे सभी की उम्मीदें बढ़ गईं. यही वो वक़्त था जब ग्रेग चैपल भारत के कोच बने. चैपल चाहते थे कि इरफ़ान अपनी बल्लेबाज़ी पर विशेष ध्यान दें. उन्होंने ध्यान देना शुरू किया तो उनकी गेंदबाज़ी औसत रह गई. बहरहाल इरफ़ान ने भारतीय क्रिकेट टीम को कई मैच जिताए हैं. इरफ़ान ने शनिवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया.पठान ने भारत के लिए 29 टेस्ट, 120 वनडे और 24 टी-20 मैच खेले हैं, लेकिन इस लेफ्टी बॉलर और बल्लेबाज को काफी पहले ही यह एहसास हो गया था कि उनका समय अब खत्म हो चुका है.

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दोस्तों, ऐसे बहुत से वाक़ये होते रहते हैं जो अचान'क हो जाते हैं. हम किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की बात नहीं कर रहे, हम बात कर रहे हैं किसी भी दिन हो जाने वाली ऐसी चीज़ जिसकी हमने उम्मीद न की हो. कुछ इसी तरह एक्सी'डेंट्स भी होते हैं. हम अपने काम में बेख़बर होते हैं और ये हो जाता है. परन्तु जब आपके सर ख़ु'दा का साया होता है तो आप बच जाते हैं..

Posted by अरब न्यूज़ on Saturday, 4 January 2020

इरफान पठान ने भारत के लिए 29 टेस्ट और 120 वनडे मुकाबले खेले. इसके अलावा पठान ने भारत के लिए 24 टी-20 मैच भी खेले और वह कई यादगार मैचों का हिस्सा रहे. उन्होंने कहा, “मैं अपने टीम के साथियों का धन्यवाद करता हूं. मुझे नहीं पता था कि मैं बड़ौदा से आऊंगा और सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाड़ियों के साथ खेल पाऊंगा. मैं अपने परिवार, कोच, टीम के साथियों और सबसे ज्यादा अपने प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं.”

इरफान ने कहा कि साल 2016 में वापसी करने के बाद ही मैंने यह जान लिया था कि मैं अब भारत के लिए नहीं खेल पाऊंगा. मैं साल 2015-16 में मैंने घरेलू क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लिए थे.इरफान ने कहा कि इस सीजन का मैं सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर था, लेकिन मुझे टीम में नहीं लिया गया. मुझसे कहा गया कि चयनकर्ता मेरी गेंदबाजी से बहुत खुश नहीं थे. और जब मुझे इस प्रदर्शन के बाद भी नहीं चुना गया, तो साल 2016 के आस-पास मैं समझ गया कि मैं अब भारत के लिए नहीं खेल पाऊंगा.

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