ईरान ने अमरीका से बातचीत को लेकर रखी शर्त, ‘किसी भी बातचीत से पहले ये करो..’

न्यू यॉर्क: ईरान और अमरीका के बीच रिश्ते लगातार ख़’राब हो रहे हैं. अमरीका ने ईरान के साथ नुक्ले’अर डील से ख़ुद को अलग करने के बाद ईरान पर कई तरह के आर्थिक प्रति’बन्ध लगाए हैं. ईरान ने भी इसको लेकर तीख़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुध के रोज़ संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं इस बात की घोषणा करना चाहता हूँ कि प्रतिबंधों के साथ किसी भी तरह की बातचीत पर हमारा रिस्पांस नेगेटिव है.

रूहानी ने कहा कि वो सिर्फ़ फोटो खिंचवाने के लिए कोई भी मीटिंग नहीं करेंगे. यूरोप के कई नेता ट्रम्प और रूहानी के बीच मीटिंग कराना चाहते हैं लेकिन रूहानी का मानना है कि वो फ़ोटो-सेशन में विश्वास नहीं रखते और बातचीत के अंत में फ़ोटो लिया जाता है शुरू में नहीं. रूहानी मानते हैं कि ट्रम्प मीडिया-हंगरी हैं. उन्होंने अमरीकी एडमिनिस्ट्रेशन की संजीदगी पर भी सवाल खड़ा किया है.

उन्होंने कहा कि ईरान ने ‘आर्थिक आ’तंकवाद’ का जवाब दिया है. उन्होंने इसे अपने देश के ख़िलाफ़ बताया है. उन्होंने कहा कि ईरान इसे कभी नहीं भूलेगा. उन्होंने यूरोपीय नेताओं की भी आलोचना की कि वो ईरान के हित की रक्षा करने में नाकाम रहे. आपको बता दें कि अमरीका द्वारा नुक्लेअर डील से हट जाने के बाद ईरान ने भी अग्रीमेंट की तय शर्तों को मानना कम कर दिया.

उल्लेखनीय है कि 14 सितम्बर के रोज़ सऊदी अरब की तेल कंपनी सऊदी अरामको के प्लांट पर हुए हमले के बाद से ही ईरान और अमरीका में रिश्ते और बिगड़ गए हैं. अमरीका और सऊदी अरब का दावा है कि ये हमला ईरान ने किया है जबकि ईरान ने इस बात को सिरे से ख़ारिज कर दिया है. इस हमले की ज़िम्मेदारी यमन के हौथी विद्रो’हियों ने ली है.

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.