सऊदी क्राउन प्रिंस के रास्ते पर चला ये मु’स्लिम देश, लम्बे समय से चले आ रहे..

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पिछले कुछ समय में सऊदी अरब ने अपने देश में कई प्रकार के सामाजिक सुधार किए हैं. इन सभी सुधारों को पश्चिमी देशों ने काफी सराहा है. इन सुधारों की वजह से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की सराहना पूरी दुनिया में हुई है. ये माना जा रहा है कि ये सुधार इसलिए किए जा रहे हैं कि आने वाले समय में ये देश अपने को पीछे न महसूस करें. अब सऊदी अरब के रास्ते पर एक ऐसा देश चलने जा रहा है जो सऊदी अरब का वि’रोधी माना जाता है.

हम सभी जानते हैं कि सऊदी अरब और ईरान एक दूसरे के कट्टर विरो’धी हैं लेकिन अब ईरान भी सऊदी अरब के रास्ते पर चलने जा रहा है. ईरान अपने देश में महिलाओं को और अधिकार देने जा रहा है. असल में ईरान में अभी महिलाओं के स्टेडियम में जाकर पुरुष खेल देखने की पाबंदी है. अब ईरानी सरकार इस बारे में विचार कर रही है कि ये पाबंदी हटा ली जाए.

इसमें पहला क़दम उठा भी लिया गया है. ईरान के खेल मंत्री मसूद सुल्तानिफ़र ने बयान देकर कहा है कि इस बारे में इंतज़ाम किए जा रहे हैं कि महिलायें फिलहाल अन्तर्राष्ट्रीय खेल देख सकेंगी. इस बारे में सरकार ने कई इंतज़ाम किए हैं. आपको बता दें कि अगले महीने ईरान पुरुष फ़ुटबाल वर्ल्ड कप क्वालीफ़ायर का मैच खेलेगा जिसके लिए महिलाओं को खेल देखने की अनुमति मिलेगी.

आपको बता दें कि राजधानी तेहरान के आज़ादी स्टेडियम में ही अधिकतर मैच खेले जाते हैं. इसलिए इस स्टेडियम में कई तरह के इंतज़ाम किए गए हैं जैसे वाशरूम की सुविधा, अलग चेकिंग की सुविधा इत्यादि. जानकार मानते हैं कि ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी चाहते हैं कि महिलाओं पर से ये पाबंदी हटा ली जाए लेकिन ईरान के ताक़तवर धार्मिक नेता ऐसा नहीं चाहते.

ईरान के धार्मिक नेताओं को लागता है कि स्टेडियम का माहौल लड़कियों के लिए ठीक नहीं होता. वहीँ फ़ुटबाल की गवर्निंग बॉडी फ़ीफ़ा ईरान पर पाबंदी लगा सकती है अगर वो अपने देश के इस क़ानून में बदलाव नहीं करता और हो सकता है कि २०२२ वर्ल्ड कप में ईरान की प्लेस ख़तरे में पड़ जाए. आपको बता दें कि ईरान में महिलाओं पर ये पाबंदी पिछले चार दशकों से है.

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