इ’स्लाम ध’र्म से ताल्लुक़ रखने वाले सभी लोगों को मालूम है कि एक मु’सलमान के लिए ह’ज की क्या एहमियत है. इ’स्लाम ध’र्म के पाँच फ़रायज़ में से ह’ज भी है. हर मुसलमा’न को अपनी ज़िन्दगी में एक बार ह ज ज़रूर करना चाहिए. भारत में ह ज यात्रियों का पहला जत्था लखनऊ के अमौसी एअरपोर्ट से रवाना होने वाला है. सऊदी अरब की सरकार ने इस बार भारत से जाने वाले ह’ज यात्रियों के कोटे को बढ़ा दिया है और अब 30 हज़ार और लोग ह’ज करने जा सकेंगे.

इस बार भारत से 2 लाख लोग ह’ज करने के लिए सऊदी अरब जाएँगे. भारत सरकार ने इस साल से ह’ज की सब्सिडी बंद कर दी है. बहरहाल आपको बताएं कि अगर आप या आप का कोई रिश्तेदार ह’ज करने जा रहा है तो उसको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. बहुत मामूली सी ग़लती भी इंसान को कई बार बिना-वजह की परेशानी में डाल देती है.

इसको लेकर ह’ज समिति ने भारत से जाने वाले ह’ज यात्रियों के लिए एक गाइड-लाइन दे दी है. आपको बता दें कि नए नियम में है कि अगर कोई तय सामान से अधिक सामान प्लेन में लेकर जाता है तो उसे प्लेन में चढ़ने नहीं दिया जाएगा. इतना ही नहीं उसके पैसे भी वापिस नहीं होंगे. इसलिए सभी को ये बात ध्यान रखनी है कि नियमों को ध्यान से पढ़ लें और तय सामान से अधिक न लेकर जाएँ.

ह’ज समिति के एक सदस्य डॉ इफ्तिखार ने इस बारे में कहा कि अधिक सामन होने से ट्रांसपोर्ट से जुड़ी परेशानियां पेश आयी हैं. इसलिए ह’ज कमेटी का सीधे तौर पर निर्देश है कि यात्री 22-22 किलो वाले ही दो सू’टके’स लेकर जाएँ. वहीँ दस किलों वाला एक हैं’ड बैग भी ले जाया सकता है. लेकिन अगर जायरीन इससे अधिक वज़न वाला सामान लेकर गए तो उनकी यात्रा को कैं’सि’ल कर दिया जायेगा.

इतना ही नहीं सूटकेस की लम्बाई, चौड़ाई और उंचाई 75, 55 और 28 सेमी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. वही अगर आप दस किलो वज़न तक वाला हैं’ड बैग ले जा रहे हैं ख्याल रखे कि इसकी सा’इज़ 55, 40 23 सेमी होनी चाहिए. वहीँ बैग पर अपने नाम और टिकट से जुड़ी जानकारी चिपका दें ताकि खोने पर बैग वापिस मिल सके.

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