इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप,”..ये रवैया देखकर हैरान हैं..”

नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्र’मण की दूसरी लहर का क’हर बरस रहा है। देश में लगातार चौथे दिन 4 लाख से ज़्यादा नए मामले सामने आए। बीते 24 घंटों में 4 हज़ार से ज़्यादा लोगों की देशभर में इस वायरस से जा’न चली गई। कोरोना के लगातार बढ़ते हुए मामलों के बीच देश के अधिकतर राज्यों में लॉक’डाउन या क’र्फ़्यू जैसी स्थिति है।

महाराष्ट्र, राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार जैसे कई राज्यों में कुछ दिनों के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। कई वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि तीसरी लहर ज़्यादा खतरनाक हो सकती है। ऐसे में पहले दूसरी लहर से निपटने के लिए देशभर में लॉकडाउन लगाये जाने की चर्चा हो रही है। इसी बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक पत्र जारी करते हुए देशभर में एक साथ लॉकडाउन लगाए जाने की सिफारिश की है।

IMA ने कोरोना संक्र’मण को सही तरह से नियं’त्रित न करने को लेकर केंद्र सरकार पर आ’रोप लगाए हैं। IMA ने अपने पत्र में लिखा कि, केंद्र सरकार को एक साथ पूरे देश में लॉकडाउन का ए’लान कर देना चाहिए। बजाय अलग अलग राज्यों में 10-15 दिनों का लॉकडाउन लगाने के। पूरे देश में एक समय पर लॉकडाउन लगने से कोरोना वायरस की चेन टूटेगी।

आईएमए ने कहा, ”आईएमए कोरोना महामारी की दूसरी लहर से पैदा हुए हालत से निपटने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बेहद सुस्त है। सरकार का ये रवैया देखकर आईएमए हैरान है। सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए आईएमए की ओर से दिए गए सुझाव को ख़ारिज कर दिया और अक्सर बिना ज़मीनी हकीकत को जाने निर्णय लिए जा रहे हैं।”

IMA ने अपने पत्र में कहा है कि, कोरोना संक्रमण के इस बुरे दौर में स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से इस वायरस से निपटने के लिए लाप’रवाही और अनदेखी करना हैरान कर रहा है।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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