हारने के बाद भाजपा छोड़ TMC में जाने की तैयारी में लगे ये नेता? जानकारी देते हुए..

पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से बौखलाई हुई है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने की तमाम कोशिशें की लेकिन उनकी पूरी कोशिशों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पानी फेर दिया।

एक बार फिर राज्य में तृणमूल कांग्रेस ने बहुमत के साथ दस्तक दी है। पश्चिम बंगाल में हुई इस हार के बाद भाजपा अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा रही है। खबर सामने आई है कि भाजपा के नेता मुकुल रॉय पार्टी से परेशान होकर एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
अब उन्होंने इस तरह की सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।

दरअसल भाजपा नेता मुकुल रॉय ने ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी है। जिसमें उन्होंने कहा है कि वो बंगाल में बीजेपी के कार्यकर्ता के रूप में ही अपने काम को जारी रखेंगे। इस ट्वीट के साथ ही मुकुल रॉय ने उन अ’फवाहों पर विराम लगा दिया है।

जिसमें ये कहा जा रहा था कि वो टीएमसी में शामिल हो सकते हैं। भाजपा नेता मुकुल रॉय ने अपने इस पोस्ट में कहा है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को बहाल करने के लिए उनकी लड़ाई भाजपा कार्यकर्ता के रूप में हमेशा जारी रहेगी। मैं उन सभी से अपील करूंगा।

जो मेरी टीएमसी में जाने की अ’फवाह को तवज्जो दे रहे हैं। मुकुल राय ने यह भी कहा है कि मैं अपने राजनीतिक मार्ग पर दृढ़ हूं।
आपको बता दें कि शुक्रवार को विधानसभा के अंदर मुकुल रॉय ने टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुब्रत बक्शी से मुलाकात की थी। दरअसल, शुक्रवार को विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली थी।

शपथ ग्रहण के बाद ये मुलाकात हुई थी। हालांकि मुकुल रॉय ने ये कहा था कि इस दौरान सिर्फ शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हुआ था। दरअसल मुकुल रॉय एक समय पर टीएमसी के अंदर ही थे, लेकिन साल 2017 में उन्होंने टीएमसी छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया था। मुकुल रॉय का टीएमसी में कद काफी बड़ा था।

उन्हें ममता बनर्जी का काफी करीबी बताया जाता था। मुकुल रॉय ने 2017 में बीजेपी जॉइन करने के बाद 2018 में पंचायत चुनाव के अंदर प्रचार किया था और फिर 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें मुख्य जिम्मेदारी के साथ राज्य में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दी गई थी।

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.