अस्सलाम ओ अलैकुम अज़ीज़ दोस्तों, हम अक्सर आपके लिए ज़रूरी बात लेकर आते हैं. आज हम आपको एक बार फिर एक अहम् बात लेकर आ रहे हैं. आज हम आपको एक ऐसी चीज़ के बारे में बताने जा रहे हैं जो लोग पूछना तो चाहते हैं लेकिन झिझक की वजह से पूछ नहीं पाते. इस तरह के सवाल हैं जो अंदर अंदर मन में चलते हैं लेकिन कैसे पूछें ये बात न मालूम सी होती है.

मेरे अज़ीज़ भाइयों और बहनों, इसी तरह का एक सवाल हम आज उठाने जा रहे हैं. सवाल ये है कि क्या बिना कपड़ों के गुस्ल हो जाता है? और ग़ुस्ल के बाद अगर ऐसी ही हालत में यानी कि बिना कपड़ों के वजू कर लिया जाए तो क्या वजू हो जायगा या नहीं ? हम इस पोस्ट के ज़रिये इस बात को समझने की कोशिश करेंगे. अगर आप बग़ैर कपड़ों के गुसल करते हैं तो गुसल हो जाता है. इसकी वजह ये है कि गुसल तो बिना कपड़ों के ही किया जाता है तो ऐसा कैसे मुमकिन है कि कपड़ों के साथ गुसल हो जाए.

इसके बाद एक सवाल ये आता है कि अगर उसी हालतमें फिर वुजू भी कर लें तो क्या वुजू होता है या टूट जाता है. दोस्तों बिना कपड़े के वजू करें तो वजू हो जाता है क्योंकि अपना ही जिस्म देखने से वजू नहीं टूटता है चाहे वह आपका घुटना हो या कोई भी जिस्म का अंग उसे देखने से आपका वजू नहीं टूटेगा. इसलिए बिना कपड़ों के ग़ुस्ल हो जाता है और वज़ु भी हो जाता है.

अक्सर लोगों में ये ग़लत फहमी होती है कि उन्होंने बिना कपड़ों के अगर नहा लिया तो उनका वुजू टूट जाता है. तो आपको बताएं की ऐसा नहीं है. अगर कोई व्यक्ति बिना कपड़ों के नहाए या फिर खुले आसमान के नीचे नहाए तो उनका ग़ुस्ल नहीं होगा ।यह सारी बातें गलत और लोगों की बनाई हुई है ।ग़ुस्ल के लिए बस एक चीज सबसे ज्यादा मायने रखती है कि आपका जिस्म किसी दूसरे के सामने ना खुला हो.

जब कोई ग़ुस्ल करें तो चारों तरफ से पर्दा लगा हो या आपका जिस्म किसी को दिखाई ना दे तो आप का ग़ुस्ल भी हो जाएगा और आपका वजू भी हो जाएगा भले ही आसमान खुला हो या आप बिना कपड़े के हो और अगर वजू करने के बाद इंसान अपना जिस्म देख ले तो इससे वजू पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन कई लोगों में इस बात की गलतफहमी है कि बिना कपड़ों के वजू नहीं हो सकता और अगर वजू हो भी जाए तो अपना जिस्म देखकर वजू टूट जाता है तो मेरे भाइयों यह सब गलतफहमी है.

मौलाना बताते हैं कि किसी ने मुझसे ये सवाल भी किया कि अगर नापाक इंसान पाक कपडे पहन ले तो क्या वो कपडे नापाक हो जाते हैं लेकिन भाइयों और बहनों ऐसा नहीं होता है. इससे कपड़ों पर कोई फर्क नहीं पड़ता बहुत सारे लोग यह सोचते हैं कि अगर ग़ुस्ल करने के बाद उतारे हुए कपड़े जो की नापाक हो या गंदे हो उसे दोबारा पहन लिया जाए तो इंसान नापाक हो जाता है जबकि यह बात भी गलत है उन कपड़ों को पहनने से आप नापाक नहीं होंगे। मेरे अज़ीज़ों इस अहम्तो मसले को समझने के लिए देखें मौलाना साहब का ये विडियो

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