ग्राहकों को इस तरह से बेव’क़ूफ़ बना रही है ऑनलाइन मेडीसीन कम्पनी

ऑनलाइन व्यापार आए दिन बढ़ता ही जा रहा है सभी को चीज़ें घर बैठे अपनी सुविधा से मंगवाना सही लगने लगा है। ऐसे में कई कम्पनियाँ हमारा ग़ल’त फ़ायदा भी उठाती हैं और स्कीम, ऑफ़र्ज़ के नाम पर ग्राहकों को लू’टने में कोई क’सर नहीं छोड़तीं। इन दिनों दवाइयों की ऑनलाइन ख़रीदी बि’क्री भी आम हो चुकी है। आप अपने प्रीस्क्रि’पशन अपलोड कीजिए दवाएँ कन्फ़र्म कीजिए और आपको 20-25 प्रतिशत की छू’ट के साथ दवाएँ घर बैठे मिल जाएँगी।

अगर आप भी इस तरह ऑनलाइन मेडिसिन ख़’रीदते हैं तो आपको ऐसे माम’लों के बारे में पता होना चाहिए जो ज़्यादा छू’ट के चक्कर में आपके साथ भी हो सकता है। ऑनलाइन दवा बे’चने वालों कम्पनी मेडलाइफ़ इस माम’ले में कई बार सामने आ चुकी है कई उपभोक्ताओं ने इसकी शिका’यत भी की है लेकिन उनके कान पर जूँ तक नहीं रें’गती।

प्रतीकात्मक तस्वीर

आए दिन मेडलाइफ़ की ओर से ग्राहकों के लिए लुभा’वनी स्की’म निकाली जाती हैं लेकिन कई ग्राहकों से प्राप्त आँ’कड़े बताते हैं कि आज तक इस कम्पनी की ओर से उन्हें इस तरह के किसी भी स्कीम से फ़ायदा नहीं मिला है। कई बार कहा जाता है कि निश्चित रक़म की दवा ख़रीदने पर सोने/ चाँदी के सिक्के लक्की ड्रॉ से निकाले जाएँगे लेकिन सौ अल’ग-अल’ग शहरों के उपभोक्ताओं से जु’टाए आँक’ड़े बताते हैं कि कभी उन्हें इस तरह का कोई लाभ नहीं हुआ।

यही नहीं अक्सर कम्पनी दवाओं के साथ ट्रैव’ल कि’ट, फ़र्स्ट ऐड किट जैसे गिफ़्ट्स के वा’दे करती है जिसके लिए इन ग्राह’कों ने कम्पनी के बताए निश्चित समय में दवाएँ ऑर्डर की। उन्हें ये भी बताया गया कि उनके ऑर्डर में फ़्री ट्रैव’ल कि’ट, फ़’र्स्ट ऐड किट ऐड हो गए हैं लेकिन बाद में उन्हें ये कहा गया कि स्टॉ’क ख़’त्म होने के कारण उन्हें ये गिफ़्ट्स नहीं दिए जाएँगे।

प्रतीकात्मक तस्वीर

ग्राहकों को अपना ऑर्डर कै’न्सल करवाने का निर्दे’श दिया गया लेकिन बाद में उन्हें मैसेज के ज़रिए बताया गया कि उनकी रिक्वे’स्ट पर ऑर्डर कै’न्सल किया गया है। मुंबई के एक असं’तुष्ट ग्राहक जो 70 साल के हैं, ने बताया कि इस तरह के ऑफ़’र्ज़ से तं’ग आकर उन्होंने कहा कि ऑर्डर कैन्स’ल नहीं करेंगे और वो लगातार उन्हें कॉ’ल करते रहे। क़रीब 15 दिनों तक रोज़ाना उनसे अगले दिन तक इंत’ज़ार करने कहा जाता, साथ ही अपना ऑर्डर कै’न्सल करने बोला जाता।

जब उन्होंने ऐसा करने से म’ना किया तो उन्हें सीनियर से बात करने कहा गया और सीनियर ने उन्हें धम’काने की कोशिश की। साथ ही कहा कि आप अपना ऑर्डर कै’न्सल करें। इस सीनियर सीटिजन ने कहा वो कभी इस तरह किसी कम्पनी पर विश्वास नहीं करेंगे। इस तरह की घ’टनाएँ बताती हैं कि किस तरह मेडलाइफ़ जैसी कम्पनियाँ अपनी मनमानी करके फ़्रॉ’ड ऑफ़’र्ज़ के ज़रिए लोगों को लू’टने का काम कर रही है।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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