नई दिल्ली: दिल्ली की सीमाओं पर करीब 6 महीने से चल रहा किसान आंदोलन अभी भी जारी है। किसान लागातर केंद्र सरकार द्वारा लाये गए कृषि कानूनों का वि’रोध कर रहे हैं। बुधवार को गाज़ीपुर बॉर्डर पर बीजेपी के कार्यकर्ता अमित बाल्मीकि का स्वागत करने पहुंचे थे। उसी दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं का गाज़ीपुर बॉर्डर पर प्र’दर्शन कर रहे किसानों के साथ झ’गड़ा हो गया। जिसमें लाठी डंडे तक चलने लगे। ल’ड़ाई बढ़ती ही गई। बीजेपी कार्यकर्ताओं की संख्या किसानों से कम थी इसलिए उन्हें जा’न बचाकर भागना पड़ा।

वहीं, पुलिस ने गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झ’ड़प के मामले में केस दर्ज किया है। बीजेपी नेता अमित बाल्मीकि द्वारा इस मामले में पुलिस में शि’कायत करने के बाद पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है। आईपीसी की धारा 147, 148, 223, 352, 427, 506 की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। झगड़े के दौरान पुलिस द्वारा एक वीडियो भी बनाया गया जिसकी मदद से पुलिस आ’रोपियों का पता लगाएगी।

इस मामले पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि भाजपा के लोग जानबूझकर हमारे मंच पर आ गए थे। उन्होंने आगे कहा कि अगर मंच पर झंडा लगाकर कब्जा करेंगे तो उनका इलाज करेंगे। हां मैं धमकी दे रहा हूं। मंच पर कब्जा करके किसी का स्वागत करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, पुलिस के रहते हुए बीजेपी के लोग मंच पर कब्जा करना चाहते थे, अगर उन्हें मंच से इतना प्यार है तो इस आंदोलन में शामिल हो जाएं ऐसी बीमारी क्यों है। किसानों से अपील करते हुए भारतीय किसान यूनियन ने कहा था, “भाजपा अब आंदोलन को हिंसा से तोड़ना चाहती है जिसका उदाहरण आज की गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हिं’सा है, सभी किसानों से अनुरोध है इनके ब’हकावे में ना आएं और अपने आंदोलन को बचाए रखें।”

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *