फ़्रांस के ख़ि’लाफ़ एर्दोआन को मिला सबसे बड़े विरो’धी का समर्थन…

September 17, 2020 by No Comments

अंकारा: पिछले कुछ दिनों से ईस्टर्न मेडीटेरिनियन में ग्रीस और तुर्की के बीच विवाद चल रहा है. इस विवाद पर फ़्रांस के राष्ट्रपति इमानुअल मक्रों ने कमेन्ट किया और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन की आलोचना करते हुए कहा कि हमें तुर्की सरकार के ख़िलाफ़ क’ठोर होना चाहिए लेकिन तुर्की के लोगों के लिए नहीं..क्यूंकि वो एर्दोआन की सरकार से ज़्यादा डेज़र्व करते हैं.

इस बयान का जवाब एर्दोआन ने भी दे ही दिया और मज़ाक़ की तरह से कहा कि मक्रों सरकार कुछ दिन की मेहमान है. असल में फ़्रांस के ज़्यादातर शहरों में मक्रों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन चल रहे हैं. एक तरफ़ जहाँ सरकार अपने लोगों को ही संतुष्ट नहीं कर पा रही है वहीँ दूसरी ओर फ्रांस की सरकार ऐसी समस्याओं में उलझ रहे हैं जिनसे उनका कोई लेना देना नहीं है. मेडीटेरीनियन में सबसे लम्बी कोस्टलाइन तुर्की की है और ईस्टर्न मेडीटेरीनियन में फ़्रांस की कोई कोस्टलाइन नहीं है.

एक तरफ़ ग्रीस तुर्की के तेवर देखकर बात करने को तैयार दिख रहा है वहीँ राष्ट्रपति एर्दोआन को विपक्षी दलों से भी समर्थन मिल गया है. एर्दोआन की सबसे बड़ी वि’रोधी रिपब्लिकन पीपल पार्टी (CHP) भी एर्दोआन के साथ दिख रही है. इसके अलावा अन्य विपक्षी दल भी तुर्की के राष्ट्रपति के साथ हैं. CHP के नेता ने हाल ही में मक्रों के बयान की आलोचना की और कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कोई नहीं कर सक्तस. एक तरफ़ जहाँ एर्दोआन को अपने देश में समर्थन मिल रहा है, फ़्रांसिसी विपक्षी नेता नहीं समझ पा रहे हैं कि मक्रों इस पूरे मामले में उलझ ही क्यूँ रहे हैं.

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