बिरयानी की एक प्लेट से भी सस्ता है यहाँ मकान….सरकार ने शुरू की

सभी चाहते हैं कि उनके पास उनका अपना घर हो लेकिन घर ख़रीदना सबके बस की बात नहीं। घर ख़रीदने का विचार आते ही लाखों का ख़र्च सामने आ जाता है। लेकिन एक ऐसी जगह है जहाँ घर ख़रीदने के लिए पैसों की चिं’ता करने की ज़रूरत ही नहीं है क्योंकि यहाँ घर की क़ीमत सौ रुपए से भी कम है। जी हाँ, यहाँ घर सौ रुपए से भी कम में मिल रहा है।

देश की नहीं हम बात कर रहे हैं विदेश की। यूरोप और ब्रिटेन में घर सौ रुपए से भी कम में मिल रहे हैं। ये मकान 1 यूरो या 1 पाउंड में मिल रहे हैं। आप ये बात सुनकर चौंके उससे पहले हम आपको बता दें कि ये सरकार द्वारा चलाई एक योजना के कारण मिल रहा है। दरअसल ये योजना लिवरपुल सिटी काउंसिल द्वारा चलायी गयी है। इस स्कीम को चलाया गया है ताकि यूरोप और ब्रिटेन में आयी घरों कि कमी को दूर किया जा सके।

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साथ ही कई ऐसे गाँव हैं जहाँ लोग अपने घर छोड़कर चले गए हैं। जिनके कारण गाँव के गाँव ख़ाली हो गए हैं। इन गाँवों को फिर से बसाने के लिए टोकन राशि लेकर इन घरों को बेचा जा रहा है। इससे लोगों को घर भी मिल रहे हैं और सरकार गाँव में लोगों को बसाने का अपना काम भी पूरा कर पा रही है। ये योजना लिवरपुल इलाक़े में चल रही है।

ऐसी ही योजना फ़्रान्स के रूबै में भी चल रही है। वहाँ भी इसी तरह एक यूरो में घर ख़रीदे जा सकते हैं। औद्योगिक रूप से उजड़ चुके इस शहर को फिर से बसाने की योजना के तहत ऐसा किया जा रहा है। लिवरपुल में अब तक 75 घर कम क़ीमतों पर बेचे जा चुके हैं और 33 घरों में अभी काम चल रहा है जबकि 13 घरों के लिए मोलभाव चल रहा है। 2500 लोगों ने इस स्कीम में आवेदन दर्ज किया है अभी ज़्यादा आवेदन होने की वजह से आवेदन रोका गया है।

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इन घरों के सस्ते होने पर जहाँ एक ओर फ़ायदा है वहीं कुछ घाटा भी है जैसे ये घर ऐसे स्थान पर हैं जहाँ सुविधाओं में कमी हैं। साथ ही यहाँ अपरा’ध, लू’टपाट जैसी घ’टनाएँ भी ज़्यादा हैं। कई घर बिलकुल ज’र्जर हा’लत में हैं जिसके कारण ख़रीदने वाले को इसे बनवाना पड़ता है। हाउसिंग चैरिटी संस्था इस स्कीम का वि’रोध भी कर रही है उनका कहना है कि सरकार सिर्फ़ बसाने पर ध्यान न दे बल्कि लोगों को पर्याप्त सुविधा भी दे। इस पूरी स्कीम पर एक डॉक्यूमेंट्री बन रही है।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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