उम्र बढ़ रही है तो अपनाएँ ये नुस्ख़े, ये फल खाए तो हो जाएगा क’माल..

रंग जीवन में बहुत महत्व रखते हैं..आप जानते हैं कि हमारे खाने में जितने रंग होते हैं उतने ही रंग हमारी से’हत में जुड़ते हैं। खाने की हर चीज़ के रंग और आकार से से’हत जुड़ी है, जैसे अखरोट दिमाग़ के लिए अच्छा होता है लेकिन चाहे आप कितने ही रंग या से’हत से भरी चीज़ खाएँ अगर ग़लत चीज़ों को साथ में खाएँगे तो से’हत का नुक़सान हो सकता है। वहीं अगर आप सही चीज़ों को साथ खाएँ तो ये संयोग आपके लिए से’हत के ख़ज़ाने खोल सकता है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ सुखद संयोग के बारे में बताने जा रहे हैं

सबसे पहले बात करें गर्मियों के फल आम, ख़रबूज़, तरबूज़ की।। ख़रबूज़ के साथ एक अच्छा संयोग है शक्कर का, कई लोग ख़रबूज़ को काटकर शक्कर डालकर उसका पन्ना बनाते हैं, जो सेह’त के लिए अच्छा होता है साथ ही स्वादिष्ट भी। लेकिन तरबूज़ के साथ शक्कर नहीं बल्कि गुड़ को अच्छा माना जाता है। वहीं पके आम के साथ गाय का दूध बहुत अच्छा माना जाता है, आम के जूस में भी दूध मिलाया जाता है।

Guava

दूसरे फलों की बात करें तो अमरूद के साथ सौंफ़ का मेल अच्छा होता है और केले के साथ इलायची का सेवन से’हत को दुरुस्त रखता है। इमली के साथ गुड़ मिलाकर खाया जाए तो स्वादिष्ट तो लगती ही है साथ ही से’हत के लिए भी ये गुणकारी होती है। मक्के के साथ छाछ या मट्ठा खाना अच्छा माना जाता है और मूली के साथ मेल होता है मूली के पत्तों का। इसी तरह अगर आप खजूर के साथ कोई चीज़ खाना चाहें तो वो दूध होना चाहिए।

चावल तो हम रोज़ ही खाते हैं चावल के साथ सबसे अच्छा संयोग किसी चीज़ का बनता है तो वो है दही और नारियल की गिरी, अगर आप चावल के साथ दही खाते हैं तो वो पेट के लिए हल्का भी होता है और गर्मियों में तो ये सबसे अच्छा खाना होता है। न सिर्फ़ गर्मियों में बल्कि बाक़ी मौसम में भी ये संयोग अच्छा है। दही न सिर्फ़ चावल के साथ बल्कि अनाज और दालों के साथ भी अच्छा संयोग बनाता है।

Carrot

इसी तरह दही के साथ बथुआ का भी बहुत अच्छा मेल होता है, आमतौर पर लोग बथुआ का रायता बनाते भी हैं तो हम बता दें कि सेह’त के लिए ये बहुत अच्छा होता है। इसी तरह गाजर के साथ मेथी का साग बनाकर खाना से’हत के लिए बहुत लाभदायक है। हमें पूरी उम्मेद है कि आप इन चीज़ों के संयोग से अच्छी से’हत पा सकते हैं और सेह’त से बड़ा कोई धन इस दुनिया में नहीं है क्योंकि अगर आप स्वस्थ न हों तो धन का कोई मोल नहीं।

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.