हर इंसान की ये ख़्वाहिश होती है कि उसके आसपास धन दौलत का भंडार रहे और ऐसी हर जगह जहाँ धन का भंडार हो या मिलने के आसार हों लोग वहाँ जाना चाहते हैं। आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने वाले हैं जहाँ अपार धन है..जी हाँ इतना धन की उससे जाने कितने लोगों के सपने पूरे हो सकते हैं। इस जगह में धन दिन ब दिन बढ़ता जाता है और लोग वहाँ अपने मन की मुराद पूरी करने का ठिकाना भी पाते हैं और सबसे बड़ी बात है कि वो जगह और कहीं नहीं बल्कि हमारे अपने देश में ही है । जी हाँ, अब हम आपको बता ही देते हैं कि वो जगह कहाँ है, हम जिस जगह की बात कर रहे हैं वो जगह है दक्षिण भारत में स्थित तिरूपति बालाजी का मंदिर।

जी हाँ, हाल ही में तिरूपति मंदिर की सम्पत्ति की घोषणा हुई और उसे सुनकर सभी की आँखें खुली की खुली रह गयी। आख़िर हो भी क्यों न ये दुनिया का सबसे अमीर मंदिर है। इस मंदिर में आया ये सारा धन भक्तों के दान से प्राप्त हुआ है। हर साल यहाँ लाखों श्रद्धालु जाते हैं और श्रद्धा से शीश झुकाकर अपने बाल अर्पित भी करके आते हैं। इस मंदिर के सबसे अमीर होने के पीछे एक मान्यता ये भी है कि यहाँ का वास्तु बिलकुल सही है..उसमें ज़रा सी भी चूक नहीं है जिसकी वजह से यहाँ कभी धन की कमी नहीं होती

कहते हैं इस मंदिर की रूपरेखा ऐसी है कि ये एक लक्ष्मी यंत्र की तरह दिखता है। हाल ही में यहाँ एक दिन में 6.7 करोड़ रुपए दान चढ़ा। ये एक रिकॉर्ड है किसी भी मंदिर में आज तक एक ही दिन में इतनी बड़ी रक़म दान से नहीं मिली है। देश के सबसे अमीर मंदिर तिरूपति बालाजी के बारे में कुछ बहुत चौंकाने वाली बातें भी प्रसिद्ध हैं। कहते हैं यहाँ देवता की जो मूर्ति है उसका तापमान किसी स्वस्थ मनुष्य के जितना रहता है। जब पुजारी उन्हें स्नान करवाता है उसके बाद कुछ समय बाद मूर्ति में पसीना भी आता है। इसी तरह किसी को ये भी नहीं पता कि जब इस मूर्ति के उतारे हुए फूलों को उसके पीछे के एक ताल में फेंका जाता है तो वो 20 किलोमीटर दूर एक कुंड में कैसे मिलता है। वैसे यहाँ चढ़ाने वाले फूलों का रहस्य भी कम नहीं..ये फूल मंदिर से दूर एक आदिवासी गाँव से आता है इस गाँव के बारे में भी सभी को नहीं पता।


कहते हैं मूर्ति में कान लगाकर सुनने से समुद्र की लहरों की आवाज़ सुनाई देती है। जबकि पीछे समुद्र नहीं है। मूर्ति का पिछला भाग हमेशा नम भी रहता है जबकि पंडितों ने अक्सर इसे सूखा रखने की कोशिश भी की है। इस तरह के रहस्यों से भरी ये भगवान की मूर्ति श्र्द्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। यही नहीं यहाँ आने वाले भक्त जिस बड़ी मात्रा में यहाँ दान देते हैं उससे यहाँ न सिर्फ़ ढेरों रुपए और सोने-चाँदी के ख़ज़ाने भरे होते हैं..बल्कि यहाँ हीरे चढ़ाने वालों की भी कमी नहीं है।ट्रस्ट की ओर से ग़रीब लोगों और समाज के लिए कार्य करने का प्रण भी लिया गया है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *