22 साल बाद क़ब्र से बेदाग़ निकली नासिर की ला’श, अल्ला’ह के क’रिश्मे से क’फ़न भी पा’क..

कई बार क़ुदरत ऐसे चमत्कार दिखाती है कि इंसान सिर्फ़ और सिर्फ़ आश्च’र्य के सिवा कुछ नहीं कर पाता। आज हम आपको एक ऐसा ही वा’क़या बताने जा रहे हैं जो आपको क़ुदरत के चम’त्कार से है’रान कर देगी। ये मामला है उत्तरप्रदेश के बाँदा ज़िले के बबेरू इलाक़े का। भारी बारिश के चलते यहाँ के एक क़’ब्रिस्तान में पानी भर गया और पाँय ज़्यादा भरने से एक क़.ब्रिस्तान में क़’ब्र धँस गयी।

जब क़ब्र धँस गयी और ताबू’त नज़र आने लगा तो इस बात की सूचना क़ब्रि स्तान समिति को दी गयी। आमतुआर पर कभी भी क़ब्र से बाहर ताबू’त को नहीं निकाला जाता लेकिन शायद क़ुदरत ख़ुद ये चमत्कार सबभि को दिखाना चाहती थी तभी तो इस ता’बूत को पानी के सहारे बाहर भेजा। जब इस ता’बूत को खोला गया तो सभी है’रान रह गए।

अटारा रोड के पास स्थित इस क़’ब्रिस्तान से बारिश के चलते ढह गयी क़ब्र से निकला ये ताबू’त कीचड़ ह’टाने के बाद खोला गया। सभी ये देखकर हैरान रह गए कि इस श’व के ऊपर लिपटा कफ़’न बिलकुल सफ़ेद था यहाँ तक की श’व का शरीर भी बेदाग़ था। वहाँ मौजूद सदस्यों को लगा कि ये ताज़ा दफ़न किया कोई श व है।

लेकिन इस मामले की जानकारी मिलने के बाद काफ़ी लोग वहाँ इकट्ठा हो चुके थे और जैसे ही उनमें से एक आदमी ने उस श’व का चेहरा देखा तो वो कह उठा ये तो उसका परिचित है जिसकी मौ’त 22 साल पहले हुई थी और जब उसे दफ़न किया गया था तो वो भी मौजूद था। ये बात सुनते ही सभी है’रान रह गए।

नासिर अहमद नाम के इस शख़्स को 22 साल पहले द’फ़नाया गया था लेकिन 22 साल में भी उसका शरीर बिलकुल बेदा’ग़ है, कहीं से गला नहीं है यही नहीं क’फ़न भी बिलकुल पा’क सफ़ेद है। ये देखने के बाद से सभी लोगों ने इसे च’मत्कार माना है और सबका कहना है कि मृ’तक नासिर एक अच्छी आ’त्मा है जिसे अ’ल्लाह का आशीर्वा’द मिला था, तभी वो इतने सालों बाद भी बिलकुल बेदा’ग़ है। बाद में स्थानीय मौलवियों के परामर्श से इस श’व को पास की एक अन्य क़’ब्र में दफ़’न दिया गया।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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