एरदोगन के फ़ैसले को नहीं रोक सका अमरीका, फ़ौ’ज को लेकर किया ये एलान..

दुनिया

इस्‍तांबुल. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन इस समय दुनिया के ताक़तवर नेताओं में से एक हैं. सीरिया में चल रहे गृह यु’द्ध की वजह से तुर्की पर भी काफ़ी प्रभाव पड़ा है. तुर्की इसी वजह से कुर्द विद्रोहियों के ख़िलाफ़ जं’ग छेड़ने वाली है. एरदोगन ने साफ़ कह दिया है कि वो किसी भी समय कुर्द विद्रोहियों के ख़िलाफ़ जं’ग छेड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ अमेरिका की इस घोषणा का इंतजार था कि उसकी सेना बीच में नहीं आएगी.

आपको बता दें कि एरदोगन ने कहा,”हमारे यहां एक कहावत है कि हम बिना चेतावनी दिए किसी भी रात धमक सकते हैं. ऐसे में ये सवाल ही गलत है कि हम कुर्द आतंकी संगठनों को और कितना बर्दाश्‍त कर सकते हैं.”उल्लेखनीय है कि वाइट हाउस ने रविवार के रोज़ कहा कि तुर्की लम्बे समय से इस योजना की तैयारी कर रहा था और जल्द ही वो उत्तरी सीरिया में आगे बढ़ेगा.

व्‍हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिकी सशस्त्र बल तुर्की सेना के इस अभियान में न तो शामिल होंगे और न ही किसी तरह की मदद करेंगे.एक समाचार पोर्टल में छपी ख़बर के मुताबिक़, आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट के क्षेत्रीय खलीफा को हराने वाली अमेरिका की सेनाएं अब इस क्षेत्र से अलग रहेंगी. वहीं, उत्‍तरी सीरिया में पिछले दो साल के दौरान पकड़े गए सभी आईएस आतंकियों की जिम्‍मेदारी भी तुर्की पर ही होगी.

एर्दोआन ने कहा कि हम पकड़े गए विदेशी आईएस आतंकियों के बारे में यूरोपीय सरकारों के साथ मिलकर काम करेंगे.इस बारे में एरदोगन ने कहा कि उत्‍तरी सीरिया में फ्रांस, जर्मनी समेत कई देशों के आईएस आतंकी पकड़े गए हैं. ये सभी देश कह रहे है कि वे इन आतंकियों को वापस नहीं बुलाना चाहते. एर्दोगन ने कहा कि हम विदेशी आईएस आतंकियों पर फैसला नहीं ले सकते. ऐसे में हम क्‍या कर सकते हैं? इसी पर हम मिलकर काम करेंगे.

उन्होंने कहा कि मैंने अपने अधिकारियों को इस मामले से निपटने के लिए काम करने का निर्देश दे दिया है. कुर्दों के नेतृत्‍व वाले सीरियाई डेमोक्रटिक फोर्सेस का कहना है कि तुर्की का हमला वर्षों की मेहनत के बाद आईएस को हराने में मिली सफलता को पलट सकता है. एसडीएफ ने हजारों आईएस आतंकियों और उनके परिवारों को पकड़ा हुआ है.

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