एर्दोगान ने रूस और फ्रांस पर लगाया आर्मीनिया को हथि’यार भेजने का आरो’प,”आपको बस इतना करना था कि .. “

October 14, 2020 by No Comments

अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान ने एक बार फिर अज़रबैजान और अर्मीनिया के बीच चल रही ल’ड़ाई में अज़रबैजान का पक्ष लेते हुए कहा कि अज़रबैजान की बस इतनी ही माँग है कि उसे उसकी ज़मीनें वापिस मिलें लेकिन मिन्स्क ग्रुप (इसमें US, फ्रांस, और रूस शामिल हैं) इस प्रक्रिया को रोक रहा है. उन्होंने कहा कि मिन्स्क ग्रुप को इतना ही तो करना था कि वो अज़रबैजान की टेरिटरी को वापिस दिलाये. मिन्स्क ग्रुप्स नागोर्नो-काराबाख़ विवाद जब 1990 के दशक में उभरा और जं’ग हुई तब बना था.

इस ग्रुप का काम इस मस’अले का हल ढूँढना था. एर्दोगान आगे कहते हैं कि कोई इस बारे में बात नहीं करता कि रूस और फ्रांस से आर्मीनिया में ह’थियार आ रहे हैं लेकिन अज़रबैजान पर आरोप लगाने को सब खड़े हैं कि वो सीरिया से फाइटर बुला रहा है. एरदोगन ने कहा कि सीरियाईयों के पास अपने ही देश में करने को बहुत कुछ है, वो वहाँ नहीं जायेंगे.

उल्लेखनीय है कि सोवियत युनियन के कमज़ोर होने की शुरुआत के साथ ही ये विवाद भी खड़ा हुआ था. नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र अज़रबैजान का हिस्सा है लेकिन इस पर आर्मीनिया ने पिछले क़रीब 30 साल से क़ब्ज़ा जमाया हुआ है. अर्मीनिया कहता है कि यहाँ उसके मूल के अधिक लोग रहते हैं इसलिए ये उसे दिया जाए लेकिन अन्तराष्ट्रीय कम्युनिटी इसे अज़रबैजान का हिस्सा मानती है.

इस तरह आर्मीनिया का क़ब्ज़ा सभी देशों की नज़र में अवैध ही है. इसी मुद्दे को लेकर 27 सितम्बर को दोनों देश जं’ग के मैदान में कूद गए हैं. जानकार मानते हैं कि इस मुद्दे का हल जब शांतिपूर्वक निकल सकता था तब यूरोप के देश शान्ति से बैठे थे और अब अचानक परेशान नज़र आ रहे हैं.

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