एरदोगन ने फ़्रांस और यूरोप को लेकर कही बड़ी बात,’इस्लाम से अपनी नफ़रत को..’

October 28, 2020 by No Comments

फ़्रांसिसी राष्ट्रपति एम्मनुअल मक्रों की ‘इस्लाम-विरोधी’ नीति का दुनिया के अधिकतर देशों में विरोध हो रहा है. तुर्की उन देशों में है जिसने सबसे पहले फ्रांस के रवैये पर नाराज़गी जताई थी. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान ने फ़्रांसिसी राष्ट्रपति की नीति की क’ड़ी आ’लोचना की है. राष्ट्रपति एरदोगन की ओर से एक और बयान सामने आ रहा है.

अंकारा में एके पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग में राष्ट्रपति एरदोगन ने कहा कि ऐसे लोगों के बारे में मुझे कुछ भी कहने की ज़रूरत नहीं है जो हमारे पैग़म्बर का कार्टून के ज़रिए मज़ाक़ उड़ाने की हिम्मत करते हैं.उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा राष्ट्र हैं जो अपने ही धर्म की नहीं बल्कि दूसरे धर्म की वैल्यूज़ का भी आदर करते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी वैल्यूज़ को निशाना बनाया जा रहा है.

एरदोगन ने साफ़ किया कि ‘फ्रीडम ऑफ़ स्पीच’ का सम्बन्ध पैग़म्बर मुहम्मद (स.अ.व.) की इन्सल्ट करने से नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें जो करना है कर लें लेकिन हम सही चीज़ को बचायेंगे. उन्होंने फ़्रांस के साथ यूरोपीय देशों को भी निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि यूरोप के देश अब ये भी नहीं सोचते कि वो इस्लाम के प्रति नफ़रत को छुपायें.

आपको बता दें कि तुर्की की पार्लियामेंट में मंगल के रोज़ फ़्रांसिसी राष्ट्रपति एम्मनुअल मक्रों के एंटी-इस्लामिक बयान की आम सहमति के साथ निं’दा की. तुर्की की सभी पार्टियों ने जॉइंट डिक्लेरेशन के ज़रिए मक्रों के शब्दों की भरपूर निं’दा की. इस महीने की शुरुआत में मक्रों ने इस्लाम को ‘रिलिजन इन क्राइसिस’ बताया था. उसके बाद से ही उनके लगातार ऐसे बयान आये जिसको ‘इस्लाम वि’रोधी’ या ‘इस्लामोफो’बिक’ माना गया.फ़्रांस में एक मुस्लि’म युवक द्वारा टीचर की ह’त्या कर देने के बाद फ़्रांस ने कई ऐसे क़दम उठाये हैं जिसकी कड़ी निं’दा हो रही है.

मु’स्लिम देशों ने ह’त्या की भ’र्त्सना की है लेकिन इसके बाद जो क़’दम फ़्रांस ने उठाये हैं वो धर्म-विशेष के ख़िला’फ़ उठाये गए क़’दम लग रहे हैं. पेरिस की एक मस्जिद को भी फ़्रां’सिसी सरकार ने इसी सिलसिले में बं’द कर दिया जिसका मुस्लि’म समुदाय ने बुरा माना है.

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