एरदोगन की चा’ल में फँ’सा अमरीका, FT में छ’पी रिपो’र्ट के बाद हुई..

August 16, 2019 by No Comments

अमरीका और तुर्की लम्बे समय से क़रीबी सह’योगी हैं. तुर्की नाटो का सदस्य है और शीत यु’द्ध के समय तुर्की ने USSR के ख़ि’लाफ़ अमरीका को ब’ड़े स्तर पर सहयोग किया था. पिछले कुछ समय से मगर तुर्की और अमरीका के बीच संबंधों में कई स्तर पर विवाद है. दोनों ही देश किसी न किसी मुद्दे पर एक दूसरे के ख़िला’फ़ बोलते रहते हैं. ताज़ा विवाद F-35 विमा’न को लेकर है जो तुर्की अमरीका से ख़री’दता था.

तुर्की ने लेकिन जब S-400 वि’मान रूस से लेने के लिए डील की तो अमरीका ना’राज़ हो गया. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसको लेकर ऐत’राज़ जताया लेकिन तुर्की ने अपने फ़ै’सले पर किसी तरह का पुन’र्विचार न किया. इसके बाद अमरीका ने फ़ै’सला लिया और तुर्की को F-35 विमा’न न बेचने का फ़ैस’ला कर दिया.

असल में ट्रम्प को अमरीकी कांग्रेस के दोनों स’दनों का समर्थ’न भी प्राप्त था कि वो तुर्की पर कड़ी कार्य’वाई करे लेकिन महीना भर बीत जाने के बाद भी इस तरह की कोई कार्यवा’ई अमरीका की ओर से नहीं की गई है. रूसी मिसाइल सिस्टम एस-400 की डिलीवरी भी शुरू हो गई है. अब फाइनेंसियल टाइम्स नामक एक रेपुटेड समाचार पत्र ने एक ख़बर पोस्ट की है जिसमें तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन के फ़ैस’ले की तारीफ़ की गई है.

पिछले महीने जब तुर्की को रूसी मिसाइल मिलने लगी तो कई जानकार ये कह रहे थे कि अब तुर्की पर अमरीका कुछ पा’बंदी लगाएगा पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. एस-400 रूसी एफ-35 के बारबार क्षमता वाला माना जाता है. एफ-35 दुनिया के बेहत’रीन ल’ड़ाकू वि’मानों में से एक माना जाता है. एक जानकार ने एफ़टी में लिखा है कि एरदोगन ने ओ गैम्बल लिया है वो काम कर गया है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *