इस्तांबुल: तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने कहा कि आर्गेनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन को अल्बानिया की मदद के लिए क़दम उठाने चाहिएँ. 26 नवम्बर के रोज़ अल्बानिया में आये भू’कंप में बड़ी संख्या में जान माल की हानि हुई है. ये भूकं’प 6.4 तीव्रता का था. राष्ट्रपति एर्दोआन ने कहा कि यहाँ हमारी ये ज़िम्मेदारी है कि हम इस सिलसिले में क़दम उठायें. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आर्गेनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन को ईमारतों की मरम्मत करानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि ये सारे समाज की ज़िम्मेदारी है. एर्दोआन कहा कि उन्होंने दो बार 26 नवम्बर को भू’कंप आने के बाद अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा से बात की और अपनी ओर से सांत्वना पेश की. उन्होंने कहा कि शहर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं. एर्दोआन ने कहा कि हम अल्बानिया के दर्द को समझते हैं. आपको बता दें कि अल्बानिया में आये भूकं’प के बाद राष्ट्रपति एर्दोआन ने वहाँ बड़े स्तर पर मदद भेजी है.इसके अतिरिक्त उन्होंने कई वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे.

बुधवार के रोज़ उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि इस्लामिक वर्ल्ड को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल कर लिया जाता है क्यूँकि मुस्लिम समाज में एका नहीं है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं उन देशों पर आतं’कवाद, गृह युद्ध और नफ़रत के ख़तरे हैं. उन्होंने कहा कि आ’तंकी संगठन हमारे बाज़ारों, मस्जिदों और स्कूलों पर ख़ून बहाती हैं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम के पास ताक़त नहीं है, वो एक्टिव भी नहीं हैं और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उनका नेतृत्व भी नहीं है.

एर्दोआन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस्लामिक जगत को एका बनाने की ज़रूरत है और अपने आपसी मतभेद को भूलकर अपने हक़ की आवाज़ वैश्विक स्तर पर बुलंद करी जाए. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस समय संयुक्त राष्ट्र की सिक्यूरिटी कौंसिल में एक भी मुस्लिम देश नहीं है,इससे साबित होता है कि संयुक्त राष्ट्र मुस्लिम समाज की परेशानियों को दूर करने में नाकाम सिद्ध हुआ है.

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