नई दिल्ली: इस समय देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं और कल से रमज़ान भी शुरू हो रहे हैं. रमज़ान मुस्लिम समुदाय के लिए पवित्र महीना माना जाता है. इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़े रखते हैं. रोज़ा रखने वाला व्यक्ति सुबह की नमाज़ से पहले ही कुछ खाता पीता है और इसके बाद वो शाम की नमाज़ का वक़्त होने के बाद ही कुछ खाता या पीता है.

रोज़ा खोलने के समय को इफ़्तार कहते हैं और इफ़्तार को लेकर मुसलमान अच्छे खाने-पीने का इंतज़ाम करते हैं. इसी को देखते हुए मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने चुनाव आयोग से ये गुज़ारिश की थी कि चुनाव का समय सुबह 7 बजे की जगह सवेरे के साढ़े 4 या 5 बजे से कर दिया जाए. ऐसा होने पर इफ़्तार के समय वोटिंग करने का मुद्दा नहीं रहेगा और रोज़दारों को तपती गर्मी में वोट नहीं डालना पड़ेगा.

चुनाव आयोग ने लेकिन इस गुज़ारिश को मानने से इनकार कर दिया है. आयोग ने इस बारे में कहा है कि आयोग चुनाव के लिए समय बदलने को सही नहीं मानता है. आपको बता दें कि अभी तीन राउंड की वोटिंग बाक़ी है. जानकार भी मानते हैं कि आयोग के लिए ख़ुद ये मुश्किल की बात होगी अगर वो सुबह साढ़े 4 या 5 बजे से वोटिंग कराए.

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के अलावा भी कई पार्टियाँ हैं जो मैदान में हैं. इस चुनाव में कई गठबंधन देखने को भी मिल रहे हैं. बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बने गठबंधन चुनाव की दिशा तय करने वाले हैं.

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